चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी आजादी के 70 साल बाद भी रोस्टर को लागू नहीं कर पाया। दो बार रोस्टर तैयार हुआ और सिंडिकेट व सीनेट में पहुंचा, लेकिन उसकी राह में तमाम रोड़े लगा दिए गए। कमेटियों पर कमेटियां बनीं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। यह प्रकरण उपराष्ट्रपति सचिवालय पहुंचा तो अब वहां से पीयू को नोटिस जारी किया गया है। वीसी से जवाब मांगा गया है। साथ ही जल्द ही रोस्टर लागू करने की मांग की है।
पीयू में आरक्षण का लाभ दिया जाना था। पद तय होने थे कि कौनसी सीट एससी, एसटी व बीसी की होगी। कर्मचारियों का वर्षों से यह मामला चल रहा है। एससी, एसटी और बीसी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ने यह प्रकरण उठाया। उन्होंने इसको लेकर धरना भी दिया। उसका असर हुआ और रोस्टर तैयार हुआ, लेकिन सिंडिकेट ने कमियां निकालकर दुरुस्त करने को कहा। दो बार ऐसा ही किया गया। इससे इस वर्ग के कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए शिकायतें केंद्र सरकार तक भेजी हैं। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और इसका जवाब मांगा है। जानकारों का कहना है कि वीसी पिछले साल रोस्टर लागू करना चाह रहे थे। उन्होंने पूरी तैयारी कर ली, लेकिन सिंडिकेट ने कमियां निकाल दीं। इसको लेकर बैठकें होनी थीं, लेकिन उस पर भी काम नहीं हुआ।