चंडीगढ़। भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाली महिला के साथ थाने में मारपीट के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल निलंबित एआईजी आशीष कपूर की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में हाईकोर्ट आशीष कपूर को पहले ही नियमित जमानत दे चुका है।
पीड़ित महिला ने आशीष कपूर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करवाते हुए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। भ्रष्टाचार के मामले में जब आशीष कपूर ने हाईकोर्ट से जमानत मांगी थी तब मार्च में महिला ने हाईकोर्ट में एक वीडियो दिखाया था, जो 5 साल पुराना था। इसमें आशीष कपूर महिला को थाने में पीटते दिखाई दिए थे। इस वीडियो के आधार पर आशीष कपूर के खिलाफ 17 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में नियमित जमानत की मांग को लेकर आशीष कपूर ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आशीष कपूर को नियमित जमानत दे दी थी। अब आशीष कपूर ने इस एफआईआर को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।
याची ने दलील दी कि उसके खिलाफ एक ही मामले को लेकर यह तीसरी एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले इसी घटना को लेकर एक मई 2019 और फिर छह अक्तूबर 2022 को एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इस प्रकार तीसरी एफआईआर दर्ज करना सीधे तौर पर कानून का दुरुपयोग करना है, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। ऐसे में जीरकपुर थाने में 17 जुलाई को दर्ज की गई एफआईआर को याची ने रद्द करने का निर्देश जारी करने की अपील की है।