चंडीगढ़। पीजीआई प्रशासन ने इमरजेंसी में संचालित निजी दवा की दुकान के अनुरोध पर उसे खाली करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद इमरजेंसी में अमृत/जन औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को सस्ते दर पर दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके लिए टेंडर की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पीजीआई प्रशासन के अनुसार निजी दवा के दुकान संचालक के अनुरोध पर उसे दो महीने का नोटिस दिया गया है। 31 दिसंबर को दुकान खाली कर दिया जाएगा। दवा की दुकान बंद होने पर मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए नई दुकान के लिए काम शुरू किया गया है। अमृत/जन औषधि केंद्र के लिए टेंडर के तय मानकों में यह कहा गया है कि वे इमरजेंसी में आवश्यक दवाओं के साथ सर्जिकल आइटम की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित कराएंगे। सूत्रों के अनुसार निजी दवा की दुकान संचालक ने पीजीआई प्रशासन से अनुरोध कर कहा है कि वे दुकान का किराया अदा करने में असमर्थ हैं। बता दें कि इमरजेंसी की दवा की दुकान का मासिक किराया 1.8 करोड़ है।