Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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हाईकोर्ट सहित पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की सभी अदालतों में कार्यरत महिला कर्मी, वकील और जजों के छोटे बच्चों के लिए अदालतों में ही अलग से क्रेच बनाने की मांग की गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को 5 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
पंचकूला की एडवोकेट पायल मेहता ने जनहित याचिका दाखिल करते हुए कहा कि महिला कर्मी के मां बनने के बाद अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अपने छोटे बच्चों की देखभाल की भी जिम्मेदारी होती है। दोनों काम एक साथ पूरा करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर उनके कामकाज की जगह पर ही बच्चों के लिए क्रेच बना दी जाए तो यह दोनो जिम्मेदारी निभाना उनके लिए आसान हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में पहले ही ऐसी व्यवस्था है और ठीक इसी तरह हाईकोर्ट सहित पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की जिला अदालतों में भी क्रेच बनाए जाने चाहिए। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि मैटरनिटी बेनिफिट्स (अमेंडमेंट) एक्ट-2017 में ऐसा ही प्रावधान बनाया गया है। प्रावधान के अनुसार जहां 50 से अधिक कर्मी हैं वहां छोटे बच्चों के लिए क्त्रस्ेच बनाये जाने चाहिए। ऐसे में इसी एक्ट के तहत अदालतों में महिला कर्मी, वकीलों और जजों के बच्चों के लिए क्रेच बनाये जाने की हाईकोर्ट से मांग की गई।