चंडीगढ़ में अपने नाटक नोट्स ऑन चाय को मंचित करने आई फिल्म एक्ट्रेस और थिएटर आर्टिस्ट ज्योति डोगरा ने अपने नाटक और जिंदगी से जुड़ी बातें साझा की।
दिल्ली में पली बढ़ी ज्योति ने चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में बताया कि रियलस्टिक और काल्पनिक दोनों ही थिएटर में काफी खूबी से निभाए जा सकते है।
ज्योति डोगरा ने कहा कि मेरा नाटक 'नोट्स ओन चाय' दो सालों की मेहनत है, जिसमें मैं जिंदगी से जुड़ी कई आम बातों को संगीत के माध्यम से पेश करूंगी। इस नाटक को पहले लिखा नहीं गया था, पहले स्टेज में मैंने इसे सिर्फ साउंड के साथ किया फिर इसे शब्दों के साथ पिरोया।
बकौल ज्योति- नाटक में कोई सेट नहीं है, सिर्फ मुंह से साउंड निकाले गए हैं। इसमें लाइट का अहम रोल है। नाटक में असलियत से भरे और काल्पनिक किरदार पेश करूंगी। नाटक के लिए तिब्बतन मोंक साउंड और वेस्टर्न ओवरटोन साउंड को भी सीखा।
इस तरह के एक्सपेरिमेंटल थिएटर को लोग समझते है। नोट्स ओन चाय नाटक का मंचन टैगोर थिएटर में शनिवार शाम 6.30 बजे किया जाएगा। इसके लेखक और निर्देशन ज्योति डोगरा ने किया है, जबकि अभिनय भी ज्योति डोगरा (सोलो) का ही रहेगा।