केंद्र सरकार की नोटबंदी के फैसले के चलते मुश्किलों से जूझ रहे लोगों की समस्याएं वीरवार से और बढ़ने वाली हैं। एक दिसंबर को सरकारी और गैर सरकारी मुलाजिमों का वेतन आएगा, लेकिन उन्हें कैश मिल पाएगा या नहीं, यह पता नहीं।
कैश की सप्लाई, डिमांड के मुकाबले बहुत कम चल रही है। सभी राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में कैश की किल्लत है। बुधवार को भी सभी जगह ग्राहकों की लाइनें लगी रहीं। अब बैंक अधिकारी इस चिंता में हैं कि वीरवार को लोगों का वेतन आएगा तो क्या होगा। कैश की सप्लाई बढ़ने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में बैंक लोगों को ज्यादा कैश दे सकेंगे, यह मुश्किल ही नजर आ रहा है।
सरकार ने एक हफ्ते में 24 हजार रुपये विदड्रॉल की सीमा तय की है, लेकिन किसी भी बैंक में ग्राहकों को इतना कैश नहीं दिया जा रहा है। एचडीएफसी के मोहाली फेज 11 और चंडीगढ़ सेक्टर 47 स्थित ब्रांचों में किसी भी ग्राहक को ज्यादा कैश नहीं दिया गया।
कैश की सप्लाई बहुत कम, बैंक हुए बेबस
500 का नया नोट
- फोटो : File Photo
अधिकारियों की दलील थी कि उनके पास सीमित कैश है। इसलिए उनकी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को राहत दी जाए। ऐसे में उन्होंने सभी ग्राहकों को पांच हजार रुपये तक विदड्रॉ करने की छूट दी है। उधर, ज्यादातर एटीएम में भी पैसा नहीं है। वीरवार से नया महीना शुरू हो रहा है।
लोगों का वेतन आएगा तो उन्हें बच्चों की फीस, घरेलू मेड, माली, स्वीपर और चौकीदार का वेतन भी देना है। हालांकि बैंकों में कैश बहुत कम है। बैंक अधिकारी भी मानते हैं कि कैश का बेहतर इंतजाम पहले किया जाना चाहिए था। हरियाणा सरकार ने अपने मुलाजिमों के लिए दस हजार रुपये कैश देने का एलान किया है। पर इलेक्शन मोड में लगी पंजाब सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया, जिससे मुलाजिम निराश हैं।