सरकारी अस्पतालों ने नहीं मानी पीएम की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम संदेश में सबको भरोसा दिया था कि अस्पतालों में अगले दो दिन तक पांच सौ और एक हजार के नोट लिए जाएंगे किसी को कोई दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन पांच सौ और एक हजार की नोट न होने पर शहर के तीनों बड़े अस्पतालों जीएमसीएच 32, जीएमएसएच 16 में मरीजों के चिकनगुनिया और डेंगू के टेस्ट नहीं किए गए।
जीएमएसएच में डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने कहा कि पांच सौ की नोट देने पर एमआरआई नहीं की जा सकती क्योंकि ऐसा करने पर यह ब्लैक मनी हो जाएगी और पीजीआई में मरीजों के टेस्ट तक नहीं हुए। दिक्कतें आईं। दवाएं और खाना तक नहीं मिला।
रीढ़ की हड्डी और गर्दन में तकलीफ से परेशान अंबाला निवासी विनोद बुधवार को एमआरआई कराने पहले जीएमसीएच - 32 गए। वहां से उन्हें सेक्टर - 16 जीएमएसएच भेज दिया गया। लेकिन दोनों जगह डॉक्टरों ने एमआरआई करने से मना कर दिया। । विनोद ने बताया कि एमआरआई की फीस 2800 रुपये है। इसके लिए जीएमएसएच में उससे सौ-सौ रुपये के नोट मांगे जा रहे थे। अस्पताल ने 500 और 1000 के नोट लेने से इनकार कर दिया। एमआरआई न होने पर विनोद जीएमएसएच के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट जी दीवान से मिले। लेकिन उन्होंने भी पेशेंट की सहायता करने से इनकार कर दिया।