पंजाब सरकार ने मनमानी फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। अब कोई भी निजी स्कूल साल में आठ प्रतिशत से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेगा। पंजाब कैबिनेट ने पंजाब स्टेट रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस रूल्स-2017 को मंजूरी दे दी है।
बैठक के बाद वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने मीडिया को बताया कि पंजाब सरकार द्वारा निजी स्कूलों की फीस नियमित करने का रास्ता साफ हो गया है। इन नियमों के तहत कोई भी निजी स्कूल फीस में सालाना आठ प्रतिशत बढ़ोतरी ही कर सकेगा। स्कूलों द्वारा लिए जाने वाले हर तरह के फंड भी इन नियमों के दायरे में आएंगे।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसका मकसद स्कूलों द्वारा अधिक फीस वसूलने की प्रवृत्ति को रोकना है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर पहले ही पंजाब रगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स एक्ट-2016 बनाया जा चुका है।
कैबिनेट ने पंजाब की दोनों तकनीकी यूनिवर्सिटी में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का चेयरमैन किसी प्रोफेशनल को नियुक्त करने का भी फैसला किया है। महाराजा रणजीत सिंह पंजाब तकनीकी यूनिवर्सिटी बठिंडा और आईके गुजराल पंजाब तकनीकी यूनिवर्सिटी जालंधर में बीओजी का चेयरमैन अब उद्योग, प्रौद्योगिकी या तकनीकी शिक्षा क्षेत्र से संबंधित कोई राष्ट्रीय स्तर की शख्सीयत को बनाया जाएगा। प्रबंधन में पेशेवर लोगों को लाने से इनका स्तर ऊंचा होगा।