फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

RTI में मांगी जानकारी नहीं दी तो स्वास्थ्य विभाग सचिव को नोटिस

Fri, 22 Jan 2016 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने पर हरियाणा राज्य सूचना कमीशन ने स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन


सूचना आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को 25 फरवरी तक जवाब देने के लिए कहा है। आरटीआई के तहत यह जानकारी हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन कृष्ण चंद गोयल ने मांगी थी।

सूचना आयोग की कमिश्नर उर्वशी गुलाटी ने दो मार्च को आयोग के समक्ष पेश होने के लिए भी कहा है। काउंसिल के चेयरमैन कृष्ण चंद गोयल ने बताया कि उनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विजिलेंस जांच के आदेश दिये थे।
विज्ञापन


एसीएस ने यह आदेश किस आधार पर और कौन से कानून के तहत दिए थे और जांच अधिकारी द्वारा इस संबंध में क्या रिपोर्ट दी गई, उसकी जानकारी एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) से मांगी थी पर जवाब नहीं दिया गया। इसके साथ ही पूरे हरियाणा में तीन हजार से अधिक रिटेल ड्रग्स लाइसेंस किसी ना किसी फार्मासिस्ट की रजिस्ट्रेशन के आधार पर बने हैं, जबकि अपने रजिस्ट्रेशन की प्रति पर फार्मासिस्ट कहीं और काम कर रहा है।

सभी दुकानों पर गैर फार्मासिस्ट ही मरीजों को दवाइयां बेच रहे हैं। सभी ड्रग्स रिटेलर के पास कर्मचारी दिखाए गए हैं, जबकि कोई फार्मासिस्ट उनके पास काम नहीं कर रहा है।

कृष्ण चंद गोयल ने बताया कि फार्मेसी एक्ट के अनुसार देश में रजिस्टर्ड फार्मेसिस्ट के अतिरिक्त दूसरा और कोई भी व्यक्ति किसी मरीज को कोई भी अंग्रेजी दवाई नहीं दे सकता है। इसकी अवहेलना करने वाले को 6 माह की सजा  के साथ 21 हजार रुपये जुर्माना भी हो सकता है। इसके बावजूद भी 80 प्रतिशत ऐसे मामले चल रहे हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें