सेक्टर-26 स्थित बापूधाम में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इससे प्रशासन के अधिकारी भी चिंतित हैं। अधिकारियों का कहना है कि बापूधाम में बढ़ रहे कोरोना के मामलों से डरने की जरूरत नहीं है। केस इसलिए ज्यादा आ रहे हैं क्योंकि वहां टेस्टिंग तेजी से हो रही है। बापूधाम में ही कोरोना क्यों फैला, इस पर एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि यहां के लोगों ने समय रहते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से वायरस तेजी से फैला।
कहा कि, कुछ लोगों ने लापरवाही दिखाई है, जिसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। अभी भी लोगों की तरफ से लापरवाही की सूचनाएं मिल रही हैं। इसके अलावा सच यह भी है कि अभी तक वैज्ञानिक पता लगाने में जुटे हुए हैं कि कोरोना वायरस का फैलाव कैसे हो रहा है। ज्यादातर लोगों को यह पता है कि छूने से या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ही कोरोना वायरस फैलता है, लेकिन हकीकत यह भी है कि इसके फैलने के कई और तरीके भी हैं, जो कि वैज्ञानिक पता लगाने में जुटे हैं।
परिदा ने बापूधाम के लोगों से अपील की है कि वह अगले कुछ दिनों तक बिल्कुल बाहर न निकलें और सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रशासन आने वाले दिनों में कोरोना के संदिग्ध मामलों की टेस्टिंग की संख्या और बढ़ाने जा रहा है, ताकि यह पता लग सके कि बापूधाम में कुल कितने व्यक्ति संक्रमित हैं।
बापूधाम को प्रभावित इलाका घोषित करना रहा सही फैसला
एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि बापूधाम को समय रहते प्रभावित इलाका घोषित कर दिया गया। पूरे एरिया को सील करने के बाद वहां पर टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई गई। प्रशासन का यह सही फैसला रहा, इससे वहां का संक्रमण शहर के अन्य हिस्सों में नहीं फैल सका। उन्होंने कहा कि अगर पहले की तरह ही पूरे शहर को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया होता तो संक्रमित व्यक्तियों की संख्या ज्यादा हो सकती थी।
उन्होंने कहा कि संक्रमित व्यक्तियों की संख्या भले ही तेजी से बढ़ रही है, लेकिन शहर में कोरोना वायरस के मृतकों की संख्या अभी नियंत्रण में है। पीजीआई के डॉक्टरों व प्रशासन के अधिकारियों की कोशिश है कि शहर में कोरोना वायरस के मृतकों की संख्या न बढ़े।