कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से बचाने को लेकर लॉकडाउन चल रहा है। इसके चलते कई लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। शनिवार को आर्थिक तंगी के कारण धनास निवासी पीजीआई सफाई कर्मचारी मदनलाल ने आत्महत्या कर ली, वहीं हल्लोमाजरा निवासी मुंशीलाल ने आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों ही मामलों में पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
पहली घटना शनिवार सुबह करीब 7 बजे की है। पुलिस को सूचना मिली कि धनास स्थित कच्ची कॉलोनी के मकान नंबर 66 में एक व्यक्ति ने फंदा लगाकर जान दे दी है। सूचना पर सारंगपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की। पुलिस जांच में सामने आया कि 40 वर्षीय मदनलाल पत्नी, दो बेटे और एक बेटी के साथ धनास में रहता था।
वह रात को करीब 10 बजे खाना खाने के बाद अपने कमरे में चला गया। अगली सुबह 7 बजे जब दरवाजा नहीं खुलने पर मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद छत की टीन शेड हटा कर शव को बाहर निकाला गया। परिजनों का कहना है कि मदनलाल पीजीआई में कॉन्ट्रैक्ट पर सफाई कर्मचारी थे। आरोप है कि लॉकडाउन के चलते कमाई नहीं होने पर आर्थिक तंगी की परेशानी चल रही थी। इसके चलते उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। सारंगपुर थाना पुलिस छानबीन में जुट गई है।
दूसरी घटना में हल्लोमाजरा निवासी 30 वर्षीय मुंशीलाल का जीरकपुर में ढाबा है। वह हल्लोमाजरा में मां-पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता है। शनिवार को मुंशीलाल ने घर में फंदे से आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने मुंशीलाल को फंदे पर लटकता दिखा तो फौरन फंदे से अलग किया। बताया गया कि लॉकडाउन के चलते मुंशीलाल का ढाबा काफी समय से बंद है, घर में आर्थिक तंगी आने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया।