चंडीगढ़। बकाया राशि नहीं चुकाने वाले शहर के टैक्सी स्टैंड संचालकों पर बुधवार को नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा के आदेश पर इंजीनियरिंग विंग की टीम ने 9 टैक्सी स्टैंड सील कर और कब्जा वापस ले लिया। इन सभी 9 स्टैंडों पर नगर निगम के करीब 1.12 करोड़ रुपये बकाया हैं।
नगर निगम की तरफ से बताया गया कि इन सभी टैक्सी स्टैंड संचालकों को बकाया रकम जमा कराने के लिए कई बार नोटिस भेजा गया। कई बार समय भी बढ़ाया गया, बावजूद इसके पैसे नहीं जमा कराए। आखिरी बार 25 जून तक का समय दिया गया था लेकिन उसमें भी बकाया जमा कराने में असफल रहे, जिसके बाद सील करने की कार्रवाई की गई है।
आयुक्त ने बताया कि कुल 59 टैक्सी स्टैंडों को नोटिस भेजने के बाद नगर निगम ने कुल बकाया राशि लगभग 5.34 करोड़ रुपये में से 4.21 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूल कर ली है। उन्होंने कहा कि निगम ने बुधवार को 9 डिफॉल्टर टैक्सी स्टैंडों का फिजिकल कब्जा ले लिया है, जो 25 जून तक अंतिम मौका देने के बाद भी 1.12 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा करने में विफल रहे हैं। बताया कि जनरल हाउस ने 17 अक्टूबर 2023 को आयोजित अपनी बैठक में 24 से 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज माफ करने का निर्णय लिया था और टैक्सी स्टैंडों के संचालकों से बकाया राशि के भुगतान के लिए छह किश्तें तय की थी, यानी अक्टूबर 2023 से मार्च 2024 तक।
जनरल हाउस ने कोविड के कारण जमीन के किराए में तीन महीने की अतिरिक्त छूट भी दी। इसके अलावा, जिन टैक्सी स्टैंडों ने अपना बकाया भुगतान कर दिया है, उन्हें स्टैंड चलाने की अनुमति दी जाएगी।
पिछले साल निगम ने 38 टैक्सी स्टैंड किए थे सील
शहर में करीब 59 टैक्सी स्टैंड हैं। अधिकांश टैक्सी स्टैंड पार्किंग के अंदर बनाए गए हैं। नगर निगम ने 30 अगस्त 2023 को नोटिस जारी किया था और सभी संचालकों को 20 दिन के अंदर बकाया राशि जमा कराने के आदेश दिए थे। कई ने पैसे जमा नहीं कराए, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए 38 टैक्सी स्टैंड सील कर दिए। निगम ने कहा कि उन्होंने मजबूरी में यह कार्रवाई की क्योंकि कई संचालकों की पैसे देने की मंशा नहीं है। बता दें कि निगम की सदन की बैठक में तय हुआ था कि जो भी बकाया नहीं चुकाएगा, उसके स्टैंड को कब्जे में लेकर निगम की तरफ से ई-ऑक्शन कराया जाएगा।