किन्नरों के साथ DJ पर जमकर थिरके हजारों स्टूडेंट्स
उत्तर भारत का पहला ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड चंडीगढ़ में बन गया है, जिसके तहत कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस बोर्ड के चेयरमैन चंडीगढ़ के एडीसी होंगे। जबकि एक पुलिस अधिकारी, डायरेक्टर सोशल वेलफेयर, लॉ विभाग के अधिकारी, जीएमसीएच-32 के प्रिंसिपल, डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं और पीयू के रजिस्ट्रार इस बोर्ड के सदस्य बनाए गए हैं।
साथ ही इस बोर्ड को बनाने की आवाज उठाने वाले पीयू के एकमात्र ट्रांसजेंडर स्टूडेंट धनंजय मंगलमुखी और उनका सहयोगी काजल मंगलमुखी को गैर अधिकारी सदस्य बनाया गया है। पीयू से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे धनंजय ने पिछले साल प्रशासक के सलाहकार को एक पत्र लिखकर यूटी में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड बनाने की मांग की थी।
पत्र में कहा गया था कि इस बोर्ड की सख्त जरूरत है। धनंजय ने बताया पिछले साल जनवरी में वेलफेयर बोर्ड गठित करने के लिए पत्र लिखा था। अब जाकर वेलफेयर बोर्ड की मंजूरी मिली है।
सभी ट्रांसजेंडर को मिलेगा आई कार्ड
अक्सर इस तरह की शिकायतें आती हैं कि जबरदस्ती बधाई मांगी गई। कई बार एरिया को लेकर भी झगड़े हो जाते हैं। ऐसी दिक्कतों से भी बोर्ड बनने के बाद निजात मिलेगी। क्योंकि बोर्ड सभी ट्रांसजेंडर को एक आई-कार्ड जारी करेगा।
पढ़ाई सहित अन्य जरूरतों में मदद करेगा बोर्ड
वेलफेयर बोर्ड ट्रांसजेंडर की पढ़ाई में मदद करने केसाथ अन्य सुविधाएं मुहैया कराने में मदद करेगा। फिर चाहे राशन कार्ड बनवाना हो या आधार कार्ड। बोर्ड का गठन होने के बाद ट्रांसजेंडर अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए अलग-अलग दफ्तरों में नहीं भटकेंगे। ट्रांसजेंडर के लिए तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र में वेलफेयर बोर्ड बने हुए हैं।