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सीनेटर के खिलाफ नॉन-टीचिंग स्टाफ ने दिया धरना

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में शुक्रवार को नॉन-टीचिंग एसोसिएशन ने सीनेटर और यूआईएलएस के प्रोफेसर अजय रंगा के खिलाफ प्रदर्शन किया। नॉन-टीचिंग स्टाफ ने एडमिन ब्लॉक के बाहर सुबह अधिकारियों को दफ्तर जाने से भी रोके रखा। साढ़े 11 बजे समझौते के बाद नॉन-टीचिंग स्टाफ ने अधिकारियों को जाने दिया। नॉन-टीचिंग स्टाफ ने प्रो. रंगा पर सुपरिंटेंडेंट भूमि सिंह से दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए।
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नॉन-टीचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक कौशिक ने बताया कि प्रो. अजय रंगा ने यूआईएलएस के दो रिसर्च स्कॉलर को सुपरिंटेंडेंट भूमि सिंह के पास फाइल लेने के लिए भेजा था पर उन्होंने फाइल देने से मना कर दिया। इस बात को लेकर दोनों रिसर्च स्कॉलर ने सुपरिंटेंडेंट भूमि सिंह के साथ बदतमीजी की। इसके बाद रिसर्च स्कॉलर ने सीनेटर अजय रंगा को जाकर सुपरिंटेंडेंट की शिकायत की। इसकेबाद प्रो. रंगा ने वीसी ऑफिस के बेसमेंट में बने दफ्तर में जाकर सुपरिंटेंडेंट के साथ दुर्व्यवहार किया। दीपक ने आगे बताया कि अजय रंगा ने इस दौरान नॉन-टीचिंग स्टाफ के बारे में अपशब्द भी कहे। इस बात को लेकर उन्होंने वीसी प्रो. राज कुमार को ज्ञापन भी सौंपा।
उन्होंने कहा कि सुपरिंटेंडेंट के पास जो भी फाइल जाती है, वो किसी को भी नहीं दी जा सकती है। लेकिन रंगा ने यह बात जानते हुए भी उनका अपमान किया। इस बात को लेकर पीयू में कार्य करने वाले सभी नॉन-टीचिंग स्टाफ शुक्रवार को एडमिन ब्लॉक के बाहर इकट्ठा हुए। इस मौके पर पीयू के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर प्रो. रंगा और सुपरिंटेंडेट के बीच समझौता करवाया। प्रो. रंगा ने प्रदर्शन स्थल पर ही सुपरिंटेंडेंट को गले भी लगाया।
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बता दें कि पीयू में इससे पहले भी टीचिंग और नॉन-टीचिंग विभाग के बीच कई बार मतभेद हुए हैं। इस मामले को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की र्गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से मना किया।
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