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नॉन मेडिकल के छात्र ने पंखे से फंदा लगाकर दी जान, परीक्षा का तनाव भी हो सकता है कारण

Wed, 04 Mar 2020 01:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल ( हरियाणा)

सार

  • रीक्षाओं का तनाव भी हो सकता है कारण, पहले भी 12वीं की परीक्षाओं में चार विषयों में हो चुका है फेल।
  • तीन दिन में यह दूसरा छात्र जिसने की आत्महत्या... कारणों का अभी पता नहीं चला, पुलिस हर एंगल पर कर रही जांच।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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नान मेडिकल के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। उसने आत्महत्या क्यों की? इस बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन मामले को परीक्षाओं से जुड़ा होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। बताया जा रहा कि वह पहले 12वीं की परीक्षाओं में चार पेपरों में फेल हो गया था। बाद में दो विषयों में पास हो गया था। इस बार भी उसकी परीक्षाएं चल रही हैं। 

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मॉडल टाउन स्थित दयानंद कॉलोनी निवासी आयुष (20) ने पंखे के हुक से फंदा लगाकर जान दी। उसके पास से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है और मामला दर्जकर पुलिस हर एंगल पर जांच में जुटी है। अभी तक छात्र के सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। 

फिरोजपुर का है परिवार, कई सालों से किराये पर रहते हैं
मॉडल टाउन चौकी प्रभारी एसआई सतपाल ने बताया कि आयुष मूलरूप से पंजाब के फिरोजपुर का रहने वाला है। कई सालों से वह मॉडल टाउन दयानंद कॉलोनी में अपनी तलाकशुदा माता के साथ किराये के मकान पर रह रहा था। उसकी मां एक फैक्टरी में क्लर्क है। वहीं आयुष सीबीएसई ओपन से नॉन मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। इससे पहले वह एक निजी स्कूल में 12वीं की पढ़ाई करता था। मृतक आयुष का एक भाई आदित्य पुणे में नौकरी करता है।

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दो दिन पहले सातवीं के छात्र ने की थी आत्महत्या

तीन दिन में आत्महत्या का यह दूसरा मामला सामने आया है। 28 फरवरी को शहर की दुर्गा कालोनी में रहने वाले 17 वर्षीय सातवीं के छात्र ने भी घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। वह भी पढ़ाई में कमजोर था और काफी समय से तनाव में था। मामले की भी पुलिस जांच कर रही है। 

दो फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि आयुष ने फंदा लगाकर जान दे दी। मौके पर जाकर जांच की तो आयुष का शव कमरे में पंखे के हुक से लटका था। कमरे में जांच की तो कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मृतक आयुष के भाई आदित्य के बयान पर ही आईपीसी की धारा 174 की कार्रवाई की गई है। मंगलवार को छात्र का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। -सतपाल, चौकी प्रभारी मॉडल टाउन

परीक्षाओं से घबराएं नहीं, असफलता के बाद मिलती है बड़ी सफलता
परीक्षाओं से घबराना नहीं चाहिए। परीक्षाएं ही मजबूत बनाती हैं। इसलिए अमर उजाला भी विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील करता है कि परीक्षाओं को लेकर तनाव में न रहें। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल एवं शिक्षाविद् डॉ. प्रवीण भारद्वाज का कहना है कि असफलताओं से भी सफलताओं के मार्ग खुलते हैं। हमें अपनी मेहनत जारी रखनी चाहिए। असफलता के बाद मेहनत करें तो बड़ी सफलता भी मिलती है।
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