तीन दिन में आत्महत्या का यह दूसरा मामला सामने आया है। 28 फरवरी को शहर की दुर्गा कालोनी में रहने वाले 17 वर्षीय सातवीं के छात्र ने भी घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। वह भी पढ़ाई में कमजोर था और काफी समय से तनाव में था। मामले की भी पुलिस जांच कर रही है।
दो फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि आयुष ने फंदा लगाकर जान दे दी। मौके पर जाकर जांच की तो आयुष का शव कमरे में पंखे के हुक से लटका था। कमरे में जांच की तो कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मृतक आयुष के भाई आदित्य के बयान पर ही आईपीसी की धारा 174 की कार्रवाई की गई है। मंगलवार को छात्र का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। -सतपाल, चौकी प्रभारी मॉडल टाउन
परीक्षाओं से घबराएं नहीं, असफलता के बाद मिलती है बड़ी सफलता
परीक्षाओं से घबराना नहीं चाहिए। परीक्षाएं ही मजबूत बनाती हैं। इसलिए अमर उजाला भी विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील करता है कि परीक्षाओं को लेकर तनाव में न रहें। गवर्नमेंट पीजी कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल एवं शिक्षाविद् डॉ. प्रवीण भारद्वाज का कहना है कि असफलताओं से भी सफलताओं के मार्ग खुलते हैं। हमें अपनी मेहनत जारी रखनी चाहिए। असफलता के बाद मेहनत करें तो बड़ी सफलता भी मिलती है।