स्ट्रोक और शराब सेवन के आंकड़े भी डराने वाले
प्रो. ठाकुर के मुताबिक स्ट्रोक के मामलों में भी तंबाकू का असर साफ दिखता है। पुरुष स्ट्रोक मरीजों में 38.3 प्रतिशत तंबाकू का सेवन कर चुके हैं जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 1.4 प्रतिशत रहा। शराब से जुड़े आंकड़े भी कम चिंताजनक नहीं हैं। कैंसर से पीड़ित 46.1 प्रतिशत पुरुष और हार्ट मरीजों में 50 प्रतिशत ने शराब पीने की बात स्वीकार की है। बड़ी संख्या में मरीज ऐसे भी हैं जो बीमारी के बावजूद अभी तक शराब पी रहे हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी
एनसीडी रजिस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ये आंकड़े चेतावनी हैं। तंबाकू और शराब अब सिर्फ जीवनशैली की आदतें नहीं रह गई हैं बल्कि जानलेवा बीमारियों की जड़ बन चुकी हैं। यदि समय रहते प्रभावी रोकथाम, सख्त नीतियां और व्यापक जन-जागरूकता नहीं अपनाई गई तो आने वाले वर्षों में गैर-संचारी रोगों का खतरा और भी गहराएगा।