चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों को मनोनीत किया है। इनमें हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जयश्री ठाकुर और वरिष्ठ अधिवक्ता गुरशरण कौर मान शामिल हैं। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से इस संबंध में बार काउंसिल के अध्यक्ष को ज्ञापन जारी किया गया है।
मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन योगमाया एमजी बनाम भारत संघ एवं अन्य से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बार काउंसिल में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दो महिला सदस्यों को सह-नामित करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को पूर्व महिला हाई कोर्ट न्यायाधीशों अथवा बार में अच्छी प्रतिष्ठा रखने वाली वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं में से दो सदस्यों का चयन करने को कहा गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने का भी निर्देश दिया। इसी क्रम में मुख्य न्यायाधीश ने बार काउंसिल के निर्वाचित सदस्यों से विचार-विमर्श के बाद दोनों नामों को मंजूरी दी।
इसके बाद रजिस्ट्रार जनरल की ओर से बार काउंसिल को इसकी औपचारिक सूचना दी गई। जस्टिस जयश्री ठाकुर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रह चुकी हैं। वहीं गुरशरण कौर मान हाई कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस कर रही हैं। हाईकोर्ट की उपलब्ध सूची में भी उनका नाम वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में दर्ज है। इन दोनों के मनोनयन से पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल में महिला प्रतिनिधित्व को औपचारिक रूप से बढ़ावा मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 2026 में पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव में भी महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व संबंधी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए थे। इसमें 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व चुनाव के माध्यम से और 10 प्रतिशत सह-नामांकन के माध्यम से सुनिश्चित करने की व्यवस्था बताई गई थी।