कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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वाहन की बिक्री आदि के समय पंजाब में पंजीकृत किसी भी निजी वाहन की राज्य की ही किसी अन्य रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास ट्रांसफर के समय अब आवेदनकर्ता को मूल रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेने के लिए जाने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ से एनओसी की जरूरत को खत्म कर दिया गया है।
ट्रांसपोर्ट मंत्री रजिया सुल्ताना ने बताया कि सारी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली वाहन 4.0 द्वारा की जा रही है। वाहनों के साथ जुड़ी सारी जानकारी जैसे टैक्स, फीस और फिटनेस आदि रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास उपलब्ध होती है, इसलिए अब पंजाब में रजिस्टर्ड गैर-ट्रांसपोर्ट (निजी) वाहनों के ट्रांसफर के लिए वाहन मालिकों को एनओसी लेने के लिए संबंधित दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं होगी।
मौजूदा प्रणाली के तहत वाहन की बिक्री के मामले में गैर-ट्रांसपोर्ट (निजी) वाहनों के मालिकाना अधिकार का तबादला नई रजिस्टरिंग अथॉरिटी में ट्रांसफर किए जाने के लिए आवेदक को वाहन की एनओसी प्राप्त करने के लिए मूल रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास जाना पड़ता है। अब आवेदक मूल आरटीए, एसडीएम दफ्तरों, जहां वाहन रजिस्टर्ड है, में ऑनलाइन आवेदन देकर अपने वाहनों का ट्रांसफर करवा सकेंगे। इससे ट्रांसफर के लिए अलग-अलग रजिस्टरिंग अथॉरिटी के पास जाने की लंबी प्रक्रिया और समय की बचत होगी।
एक लाख वाहन स्वामियों को होगा लाभ
राज्य में हर साल एक लाख से अधिक निजी वाहनों का मालिकाना अधिकार ट्रांसफर किया जाता है। सभी ट्रांसपोर्ट वाहन (व्यापारिक) और दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड गैर-ट्रांसपोर्ट (निजी) वाहनों के ट्रांसफर के लिए एनओसी की जरूरत जारी रहेगी।