पंजाब विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद परीक्षा फार्म भरने की तिथि बढ़ाकर 27 नवंबर कर दी है। पहले यह तिथि दस नंवबर थी। परीक्षा शुल्क पिछला समायोजित होगा या नहीं। इस पर निर्णय अभी तक नहीं हुआ है। हालांकि दस नवंबर को इसको लेकर पीयू प्रशासन बैठक करेगा। विद्यार्थियों को कुछ राहत दी जा सकती है।
पीयू ने पिछले साल विद्यार्थियों से फीस जमा करवाई थी लेकिन परीक्षा आयोजित नहीं की गई। कोरोना के कारण तमाम दिक्कतें आई। सितंबर में परीक्षाएं करवाई गई लेकिन वह ऑनलाइन थी। उस पर अधिक खर्च नहीं आया। विद्यार्थियों ने इसी को लेकर पीयू में प्रदर्शन किया था। कहा था कि पिछला परीक्षा शुल्क इसमें समायोजित किया जाए।
कई छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया तो पीयू प्रशासन ने फीस जमा कराने की तिथि बढ़ा दी। साथ ही लेट फीस के साथ 26 दिसंबर तक विद्यार्थी परीक्षा फार्म भर सकते हैं। लगभग 17 दिन परीक्षा फार्म भरने के बढ़ा दिए गए हैं। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी जिनके पास पैसे का बंदोबस्त नहीं हो पाया था। हालांकि पिछला परीक्षा शुल्क भी पीयू इसमें समायोजित कर सकता है लेकिन उसके लिए बैठक होगी। उसी में इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा।
सोई ने किया प्रदर्शन
परीक्षा शुल्क समायोजित करने की मांग पर शुक्रवार को पीयू में एसडी कॉलेज छात्र संगठन सोई ने प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना है कि पिछले साल पीयू की ओर से परीक्षा शुल्क लिया गया था, उस पैसे का सदुपयोग नहीं हो पाया है। परीक्षा के नाम पर लिए गए पैसे खर्च नहीं किए गए। इसलिए यह रकम इस साल के परीक्षा शुल्क में समायोजित की जाए।
विद्यार्थियों ने कहा कि कोरोना के कारण तमाम परिवारों के पास आर्थिक संकट खड़ा हुआ है। ऐसे में छात्रों का पिछला परीक्षा शुल्क इस बार के शुल्क में जमा कर दिया जाएगा तो छात्रों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ।