हरियाणा में एससी आयोग अधिसूचना जारी होने के एक वर्ष बाद भी गठित नहीं हो पाया है। आयोग में अध्यक्ष के अलावा अधिकतम चार सदस्य नियुक्त होने हैं। राज्य अनुसूचित जाति आयोग विधेयक, 2018 में पारित करवाया गया था। जिसे राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने 5 नवंबर 2018 को स्वीकृति दे दी थी। 30 नवंबर 2018 को इसे हरियाणा सरकार के गजट में प्रकाशित किया गया।
एक वर्ष पूर्व 15 फरवरी 2019 को हरियाणा सरकार के अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इसकी अधिसूचना जारी कर यह कानून लागू कर दिया था, लेकिन अब तक आयोग गठित नहीं किया गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम, 2018 की धारा 1 (2 ) के अनुसार यह कानून उस तिथि से लागू माना जाएगा जब सरकार ने गजट अधिसूचना की है।
हेमंत ने बताया कि हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग कानून, 2018 की धारा 3 के अनुसार आयोग में एक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष होगा। जो सामाजिक जीवन में व्यापक अनुभव रखने वाले एवं अनुसूचित जातियों से संबंधित प्रतिष्ठित व्यक्ति होंगे। इन्होंने सरकारी गतिविधियों में काम किया हो, सहयोग दिया हो या अनुसूचित जातियों से संबंधित सरकार का कोई सेवानिवृत्त अधिकारी हो। जहां तक उपाध्यक्ष का विषय है, वह आयोग के सदस्यों में से ही होगा।