पीजीआई के लगभग आधे कांट्रैक्ट वर्कर लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए। यूनियन के प्रधान संजीव कुमार व प्रेस सचिव पीएस बदन ने बताया कि हफ्ता भर पहले वर्करों ने ठेकेदार को लेटर देकर वोटिंग के दिन छुट्टी देने की मांग की थी।
वोटिंग से एक दिन पहले बुधवार को ठेकेदार ने वर्करों को छुट्टी देने से मना कर दिया। ठेकेदार के मुताबिक यदि पीजीआई की तरफ से आदेश आता है तो वे छुट्टी दें देगे। इस मुद्दे पर वर्करों ने पीजीआई के अधिकारियों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आदेश ठेकेदार ही देगा। पीजीआई का इससे कोई भी लेना-देना नहीं है। वहां से भी हताश होकर वर्कर वापस लौट आए। उसके बाद यूनियन ने वोट नहीं डालने का फैसला लिया।
उनका कहना था कि यदि वे वोट डालने जाते तो ठेकेदार उनकी सैलरी काट लेता। इस कारण लगभग एक हजार कर्मी वोट नहीं डाल पाए। जो लोग वोट देने के लिए छुट्टी पर थे, उनकी हाजिरी रजिस्टर में एबसेंट लगा दी गई।