शहर की प्रमुख सड़कों की खूबसूरती पर अब ग्रहण नहीं लग पाएगा। गमाडा ने इस समस्या से छुटकारा पाने का तोड़ निकाल लिया है।
गमाडा ने जिन कंपनियों को सड़कों के सौंदर्यीकरण एवं मेंटीनेंस की जिम्मेदारी सौंपी है। अब वहीं कंपनियां दो साल तक सड़कों के रखरखाब और सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी भी उठाएगी।
गमाडा उक्त प्रोजेक्ट में नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगी। साथ ही कंपनियों को हर महीने सड़कों से संबंधित रिपोर्ट भी गमाडा में जमा करानी होगी।
गमाडा से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्य रूप से तीन सड़कों को सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के लिए चुना गया। इसमें 200 फुट चौड़ी एरयरपोर्ट रोड आईआईएसईआर से गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना, सेक्टर-48 सी से फेज-11 आ रही रोड एवं वाईपीएस चौक से गुरुद्वारा सिंह शहीदां वाली रोड़ का कायाकल्प किया जाएगा।
प्रोजेक्ट पर गमाडा लाखों रुपये की लागत से गमाडा काम कर रहा है। प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो। इसलिए सभी सड़कों की जिम्मेदारी अलग-अलग कंपनियों को दी गई।
गमाडा अधिकारियों के मुताबिक आठ दिसंबर 2013 से पहले सार काम पूरा हो जाएगा। इसके अलावा गमाडा इन सड़कों पर रोड सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित कर रहा है।
इसके तहत सड़कों पर लाइनिंग सिस्टम, स्पीड ब्रेकर एवं रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। गमाडा अधिकारियों के मुताबिक वैसे तो यह तैयारी प्रोग्रेसिव पंजाब सम्मिट के लिए की जा रही है। लेकिन बाद में इसका शहर को काफी फायदा होगा।
लैंडस्केपिंग एवं ऑस्ट्रेलियन घास भी रहेगा खास
सभी सड़कों के मुख्य प्वाइंटों पर लैंड स्केपिंग का काम चल रहा है। लैंड स्केपिंग का काम लगभग आखिरी चरण में है। इसके अलावा सड़कों के किनारे एवं सेंटर में सुंदरता के लिए ऑस्ट्रेलियन घास लगाई जा रही है।
साथ ही पांच किस्मों के पौधे लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही कुछ प्वाइंटों पर सजावटी लाइटें लगाई गई हैं।
ग्रिल होगी हरी, खंभे दिखेंगे चांदी की तरह
इस प्रोजेक्ट के तहत ही सड़कों में लगी पुरानी ग्रिल को हरा रंग किया जा रहा है। यह काम फेज-7 के लाइट प्वाइंट के पास पहुंच गया। जबकि सड़क के रास्ते या साइडों में दिखने वाले लोहे के ख्ंाभों को सिल्वर कलर किया जा रहा है। इसके अलावा सड़कों के रोड वर्म पर काला और सफेद रंग रहेगा।
इस प्रोजेक्ट ने दिया आइडिया
गमाडा जब पहले शहर में पौधे लगाता था। तो वह सूख जाते थे। इसके अलाव ट्री गार्ड चोरी हो जाते थे। इससे गमाडा को काफी नुकसान होता था।
इसके बाद गमाडा ने तय किया कि पौधे लगाने वाली कंपनी ही दो साल तक उनकी देखभाल का काम संभालेगी। इसके लिए भले ही गमाडा को काफी खर्च उठाना पड़ा। लेकिन प्रोजेक्ट कामयाब रहा है।
इसी प्रोजेक्ट के आधार गमाडा ने सड़कों के सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट की योजना बनाई।