पंजाब के कई महकमों के मुलाजिमों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। वेतन का इंतजार करते मुलाजिमों को अब आशंका सताने लगी है कि सरकार का खजाना खाली होने के कारण हो सकता है कि प्रदेश सरकार मार्च महीने के बाद कहीं डीडीओ पॉवर में भी देरी न कर दे। मुलाजिम नेताओं सरकार के वित्तीय संकट न होने के दावे को झूठ का पुलिंदा करार दिया है।
पंजाब और यूटी मुलाजिम ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सज्जन सिंह ने बताया कि लगभग सभी विभागों में करीब 35 फीसदी स्कीमों के अंतर्गत ही भुगतान किया गया है और शेष मुलाजिमों को वेतन नहीं मिल सका है।
उन्होंने बताया कि किसी मुलाजिम को नवंबर से वेतन नहीं मिला तो किसी को फरवरी का नहीं मिल रहा। सज्जन सिंह ने कहा कि सबसे ज्यादा प्रभावित शिक्षा विभाग है, जहां मुलाजिमों को प्रॉविडेंट फंड से रकम निकालने पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा बेटियों की शादी के लिए मिलने वाली पचास हजार की रकम भी नहीं दी जा रही है। मेडिकल बिलों की अदायगी रुक गई है।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च के बाद सरकार नए सिरे से डीडीओ (ड्राइंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन आर्डर) पॉवर जारी करती है। लेकिन इस बार सरकारी खजाने की हालत से तो यही लग रहा है कि सरकार डीडीओ को एक-दो महीने के लिए लटका सकती है। इससे मुलाजिमों को खाने के भी लाले पड़ जाएंगे।
गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब के सचिव हरनेक सिंह मावी ने कहा कि बड़ी संख्या में स्कूल स्टाफ को जनवरी का वेतन भी नहीं मिला है। कुराली सरकारी सीसे स्कूल और अकालगढ़ मिडल स्कूल के स्टाफ को तो दिसंबर से वेतन नहीं मिला है। करीब 85 फीसदी स्टाफ दो महीने से वेतन से महरूम है।
इसके अलावा वेटरेनरी विभाग के डॉक्टरों और सेहत मुलाजिमों का भी यही हाल है। उन्होंने कहा कि यूनियन ने 19 मार्च को रोष प्रदर्शन किया तो खजाना खोल दिया गया, जो 21 को दोपहर 12 बजे बंद कर दिया गया। इस दौरान बहुत कम स्कूलों की पेमेंट हो सकी।
चुनाव में ताकत दिखाएंगे मुलाजिम
सज्जन सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया जाएगा। अमृतसर में सीएम के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है। चार अप्रैल को दोपहर बारह से एक बजे तक सभी बस अड्डे बंद किए जाएंगे। आठ अप्रैल को बठिंडा में प्रदर्शन, फिर 18 अप्रैल को लंबा मार्च होगा। 24 अप्रैल को वित्तमंत्री परमिंदर ढींढसा के हलके संगरूर में रोष मार्च किया जाएगा।
सरकार का दावा, कोई वित्तीय संकट नहीं
चंडीगढ़। पंजाब के वित्त विभाग ने दावा किया है कि पंजाब में कोई वित्तीय संकट नहीं है। न ही रिजर्व बैंक ने पंजाब सरकार को फंडों की अदायगी रोकने संबंधी कोई सूचना दी है।
विभागीय प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 18 से 27 मार्च के दौरान कुल 1921.85 करोड़ रुपये की अदायगियां पहले की तरह ही की गई। खजाने द्वारा अदायगियां बिना रुकावट की जा रही हैं। सरकारी खजाने से अदायगियों पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है।