पंजाब यूनिवर्सिटी के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र पर पंजाब एवं हाईकोर्ट की ओर से अंतरिम राहत हटाए जाने के बाद पीयू प्रशासन की ओर से तत्काल प्रभाव से 58 शिक्षकों को सेवामुक्त कर दिया गया है। इसका असर यह हुआ कि पीयू के चार विभागों में अब कोई नियमित शिक्षक नहीं बचा है। इसमें फ्रेंच, रशियन, इवनिंग डिपार्टमेंट का पॉलिटिकल साइंस विभाग और चाइनीज एंड तिब्बतियन शामिल है।
इनके अलावा बहुत से विभाग सिर्फ एक ही नियमित शिक्षक के भरोसे रह गए हैं। वहीं दूसरी ओर से शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है। पुटा अध्यक्ष डॉ. मृत्युजंय ने बताया कि शिक्षक अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। वहीं पुटा की ओर से भी शिक्षकों के साथ बैठक बुलाई गई है, उनकी सलाह के अनुसार ही आगे की कार्यप्रणाली बनाई जाएगी।
संस्कृत विभाग में अगले माह नहीं बचेगा कोई नियमित शिक्षक
यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग में प्रोफेसर वीरेंद्र अलंकार इसी माह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इसके बाद विभाग में कोई भी नियमित शिक्षक नहीं बचेगा। वहीं पंजाबी विभाग में आगामी सत्र तक दो में से एक ही शिक्षक बचेगा और भाषाओं में हिंदी में अगले वर्ष तक सिर्फ तीन नियमित शिक्षक रह जाएंगे। इसके अलावा वीमन स्टडीज, लाइफ लॉन्ग लर्निंग एंड एक्सटेंशन में सिर्फ एक ही शिक्षक बचे हैं।
इन विभागों से इतने शिक्षक हुए सेवामुक्त
पीयू के इवनिंग डिपार्टमेंट, कैमिस्ट्री और माइक्रो बायोलॉजी से चार शिक्षक, अर्थशास्त्र, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग व बॉटनी के तीन शिक्षक, लॉ, जियोग्राफी, एजुकेशन, फ्रेंच, हिस्ट्री, स्टैटिस्टिक्स, पीयूआरसी श्री मुक्तसर साहिब और फिजिक्स विभाग के दो शिक्षकों व अन्य 22 विभागों से एक-एक शिक्षक को सेवामुक्त किया गया है।