2019 में भी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी कांग्रेस
इसके अलावा वर्ष 2019 चुनाव में भी कांग्रेस ने आठ सीटें जीतकर पंजाब में सबसे बड़ी पार्टी बनने का दर्जा हासिल किया था। उस समय विधानसभा में भी उनकी सरकार थी, लेकिन इस बार चुनाव में परस्थितियां अलग हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है।
शिअद ने तीन बार आठ सीटें जीत लगाई हैट्रिक
शिअद ने तीन लोकसभा चुनाव में आठ सीटें जीतकर हैट्रिक लगाई है। पंजाब के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के बाद अधिकतम सीटें जीतने का रिकॉर्ड शिअद के ही नाम है। कांग्रेस के लगातार दबदबे के बाद वर्ष 1996 के चुनाव में शिअद ने जबरदस्ती वापसी की थी। इस चुनाव में 28.7 वोट शेयर के साथ पार्टी ने आठ सीटें जीती थी, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने तीन और कांग्रेस के हाथ इस चुनाव में दो सीटें आई थीं। इस चुनाव में हरिंदर सिंह खालसा ने 92,229 मतों के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। पार्टी ने अपनी यही परफॉरमेंस 1998 और 2004 के लोकसभा चुनाव में भी जारी रखी। 2004 में शिअद ने आठ, भाजपा ने तीन और कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में सबसे बड़ी जीत सुखबीर बादल के नाम रही थी। उन्होंने शिअद से फरीदकोट सीट पर 1,35,279 मतों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।