करनाल। रेलवे रोड स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के सामने शनिवार को बच्चों के अभिभावकों ने जाम लगा दिया। यह जाम उन्होंने विद्यालय में शनिवार को शिक्षा विभाग की नियमावली 134 ए के तहत आयोजित लर्निंग लेवल असेसमेंट टेस्ट (एलएलए)में करीब सौ बच्चों का नाम न आने पर लगाया था।
एक घंटे के धरने के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए प्रयास किए, लेकिन अभिभावक बच्चों की परीक्षा दिलवाने की मांग पर अड़े रहे। एक घंटे के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को परीक्षा में बैठाया, तब जाकर अभिभावकों ने जाम खोला। दूसरी ओर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लिस्ट में उन बच्चों का नाम नहीं आया है जो पहले परीक्षा दे चुके हैं। इसलिए अब दोबारा से परीक्षा देने का कोई औचित्य नहीं है।
आलम यह रहा कि जिन विद्यार्थियों का टेस्ट होना था उनको एसएमएस करने के साथ साथ विभाग ने उन विद्यार्थियों के पास भी एमएम कर दिया जो पहले इस टेस्ट को दे चुके हैं, हालांकि विभाग ने दोबारा एसएमएस के माध्यम से उन्हें परीक्षा न देने के लिए सूचित कर दिया था। ड्यूटी इंचार्ज ने लिस्ट में नाम न होने की बात कह कर उन्हें परीक्षा में बैठने से मना कर दिया। जिसकी वजह से अभिभावकों व विद्यार्थियों ने जाम लगा दिया। करीब एक घंटा जाम तक जाम लगा रहा। डीईओ आशा मुंझाल और डीईईओ उदय प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठाया और जाम खुलवाया।
निशुल्क शिक्षा के झूठे सपने
नियमावली 134 ए के तहत लर्निंग लेवल असेसमेंट टेस्ट ने शिक्षा विभाग ढुलमुल रवैये की पोल खोल दी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आगामी दस सितंबर से लगभग सभी कक्षाओं के पहले सेमेस्टर की परीक्षा होनी है और विभाग अब दाखिले के लिए टेस्ट ले रहा है। विभाग मात्र औपचारिकता कर विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने के झूठे सपने दिखा रहा है।
353 में से पहुंचे 257 परीक्षार्थी
शिक्षा विभाग ने 353 विद्यार्थियाें की लिस्ट जिला शिक्षा विभाग को भेजी थी। जिसमें से मात्र 257 विद्यार्थी ही परीक्षा केंद्र पहुंच सके। इसके अलावा जिनका लिस्ट में नाम ही नहीं था वह भी 79 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंच गए। इनमें से अधिकतर विद्यार्थी ऐसे हैं जो पहले भी परीक्षा दे चुके हैं। कुल मिलाकर 336 परीक्षार्थियों ने यह परीक्षा दी।
अभिभावक एकता संघ ने दी सूचना
अभिभावक एकता संघ के माहसचिव नवीन अग्रवाल ने बताया कि उनके पास 28 अगस्त शाम को टेस्ट की सूचना मिली थी। अगले दिन उन्होंने लिस्ट से प्रत्येक अभिभावक के पास फोन करके टेस्ट की जानकारी दी तथा कुछ अभिभावकों के पास एसएमएस आया। अभिभावक रामकुमार, ललित, विकास, प्रवीन, कविता ने बताया कि उन्हें टेस्ट के बारे में शुक्रवार देर शाम एसएमएस आया। विद्यार्थियों को तैयारी करने का समय भी नहीं मिल पाया।
पहले भी हो चुकी है परीक्षा
निजी स्कूलों में गरीब व बीपीएल परिवार के बच्चों को दालिखा देने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से इससे पहले भी लर्निंग लेवल असेस्मेंट टेस्ट 11 मई को आयोजित किया जा चुका है। विभाग की लापरवाही के चलते दाखिला लेने का इंतजार कर रहे अधिकतर बच्चों को इसकी सूचना ही नहीं पहुंची जिस कारण वो परीक्षा में नहीं बैठ पाए। निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए जिले के 1940 बच्चों ने आवेदन किया हुआ था, लेकिन लर्निंग लेवल असेसमेंट टेस्ट देने के लिए मात्र 364 बच्चे ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे। इनमें से 227 विद्यार्थियों ने इस परीक्षा को पास किया था, आलम यह है कि अभी तक अधिकतर विद्यार्थी निजी स्कूलों में दाखिला पाने से वंचित हैं।
किस कक्षा में कितनों ने दी परीक्षा
कक्षा कुल आवेदन परीक्षार्थी लिस्ट में नाम नहीं
तीसरी 51 36 7
चौथी 51 39 12
पांचवी 60 46 14
छटी 48 32 15
सातवीं 44 35 13
आठवीं 33 24 9
नौवीं 36 26 0
दसवीं 2 16 6
बाहरवीं 8 3 3
कुल 353 257 79