दो साध्वी से यौन शोषण के दोषी सिरसा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का नाम चंडीगढ़ एयरपोर्ट की वीआईपी लाउंज से हटा दिया गया है। सीबीआई कोर्ट द्वारा दी गई बीस साल कैद की सजा के बाद सरकार के आदेश पर उसका नाम लाउंज के प्रतिष्ठित लोगों के नाम से हटा दिया गया है।
एक सितंबर को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से यह आदेश एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को एक सितंबर को जारी किया गया था। राम रहीम को सजा मिलने के तुरंत बाद उसे दी जाने वाली वीआईपी सुविधाओं को विड्रा कर लिया गया। उसके बाद जेल जाने के बाद उसके द्वारा उपयोग की जाने वाली रिजर्व लाउंज से उसका नाम हटाने के लिए आदेश जारी किए गए। रिजर्व लाउंज के उपयोग की अनुमति मंत्रालय के अंतर्गत आती है।
लुकआउट नोटिस जारी होने के बावजूद नहीं कसा शिकंजा
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डेरा प्रकरण में जिन लोगों के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किए हैं, उन पर पुलिस का शिकंजा नहीं कसा है। इस मामले में हनीप्रीत, आदित्य इंसा सहित दो अन्य अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं। हिंसा के लिए जिम्मेवार मानते हुए चार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है।
25 अगस्त को जब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत ने दोषी ठहराया तो उसके बाद हुई हिंसा के लिए जिम्मेवार पांच लोगों के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया था। इनमें से सुरेंद्र धीमान के आत्मसमर्पण करने के बाद पुलिस ने पवन इंसा, आदित्य इंसा, हनीप्रीत और दिलावर के खिलाफ लुकआउट जारी किया। सुरेंद्र धीमान ने पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां दी थी, जिस आधार पर पुलिस छापामारी कर रही है। इनमें से चार के खिलाफ पहले ही हिंसा भड़काने सहित अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।
25 अगस्त हुई हिंसा में 35 लोगों की मौत हो गई थी। जिन आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी तलाश जारी है। डीसीपी मनवीर सिंह ने बताया कि सबकी तलाश जारी है। अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।