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Chandigarh News: पीजीआई में अब नहीं रुकेगा इलाज, हार्ट और बाल रोगियों की 24 घंटे जांच

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चंडीगढ़। पीजीआई में हार्ट और बच्चों के इमरजेंसी मरीजों को अब इलाज के दौरान जरूरी जांचों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पीजीआई प्रशासन ने एडवांस्ड कार्डियक सेंटर और एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर (एपीसी) में कई महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं 24 घंटे शुरू कर दी हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गंभीर मरीजों की जांच अब उसी सेंटर में तुरंत हो सकेगी जिससे इलाज में होने वाली देरी कम होगी और मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
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पीजीआई के एडवांस्ड कार्डियक सेंटर की कार्डियक इमरजेंसी में अब बायो मार्कर जांच 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। कार्डियक इमरजेंसी के इंचार्ज डॉ. राजेश विजयवर्गीय ने बताया कि पहले हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोगियों के सैंपल जांच के लिए नेहरू अस्पताल की लैब भेजने पड़ते थे। इससे रिपोर्ट आने में समय लगता था और कई बार इलाज शुरू करने में भी देरी हो जाती थी। अब नई सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों की जांच सीधे कार्डियक सेंटर में ही हो सकेगी।
इसी तरह एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर में भर्ती बच्चों और कार्डियक मरीजों के लिए एमआरआई समेत अन्य रेडियो डायग्नोसिस सेवाएं भी अब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। पहले यह सुविधा केवल शाम पांच बजे तक मिलती थी। इसके बाद मरीजों और परिजनों को जांच के लिए नेहरू अस्पताल जाना पड़ता था। रात के समय गंभीर मरीजों को एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग तक ले जाना परिजनों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब यह दिक्कत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
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इमरजेंसी में हर मिनट महत्वपूर्ण
डॉक्टरों के मुताबिक इमरजेंसी में हर मिनट बेहद अहम होता है। हार्ट अटैक और गंभीर बच्चों के मामलों में जांच में देरी मरीज की हालत को और गंभीर बना सकती है। डॉ. राजेश विजयवर्गीय ने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि इमरजेंसी में पहुंचते ही मरीज को तेजी से सभी जरूरी जांच और उपचार उपलब्ध कराया जाए ताकि इलाज में एक भी मिनट व्यर्थ न हो। पीजीआई प्रशासन के अनुसार दोनों सेंटरों में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अकेले कार्डियक इमरजेंसी में हर सप्ताह करीब 173 मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में 24 घंटे जांच सुविधाएं शुरू होने से न केवल मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी बल्कि इमरजेंसी सेवाओं की कार्यक्षमता और इलाज की गति भी पहले से बेहतर होगी।
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