दिवाली से पहले शहर में नहीं जली एलईडी लाइट्स
नगर निगम की ओर से दावा किया गया था कि दिवाली तक शहर की सभी 48 हजार लाइटों को एलईडी में तबदील कर दिया जाएगा। लेकिन नगर निगम ऐसा नहीं कर पाया। निगम के अनुसार अब तक 33 हजार एलईडी लाइट्स लगी है लेकिन इनमें से भी 20 प्रतिशत एलईडी बंद है। लोगों का कहना है कि एलईडी में सफेद रोशनी आती है जबकि सर्दी और धुंध के दिनों में यह सफेद लाइट की रोशनी और कम हो जाएगी।
चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि 120 और 200 वाट अब तक 33 हजार लाइटों को एलईडी में बदल दिया गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को शहर में बाकी बची लाइटों को एलईडी में बदला जाएगा। इनमें से अधिकार गांवों का एरिया का शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपोटेट का टेंडर होना है जिसके तहत पूरे शहर के लगे पोल, उनकी केबल तार के अलावा उनमें कोई भी खामी होगी उसे दूर किया जाएगा।
एलईडी लाइट्स लगने से छह करोड़ का होगा फायदा
चंडीगढ़। शहर की 48 हजार स्ट्रीट लाइट को एलईडी में तबदील करने का नगर निगम ने को ईईएसएल (एनर्जी एफिसेंट सर्विस एलटीडी) के साथ लिखित में समझौता किया हुआ है। जो एग्रीमेंट साइन हुआ है उसके अनुसार शहर की 48 हजार स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी में बदलने से बिजली की खपत 50 से 60 प्रतिशत कम हो जाएगी। इस समय नगर निगम 12.64 करोड़ रुपये का बिजली का भुगतान कर रहा है। एलईटी लाइट्स पूरी तरह लग जाने के बाद बिजली बिल के मद में करीब छह करोड़ रुपये का फायदा होगा