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सुखद सफर पर भारी CTU की लापरवाही

Thu, 08 May 2014 04:07 PM IST
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीटीयू की लापरवाही का खामियाजा शहर वालों को भुगतना पड़ रहा है। इस वक्त शहर में बसों की कमी के कारण ट्रांसपोर्ट की समस्या बनी हुई है। ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए नई बसें खरीदी जानी थीं। जनवरी में इन बसों की खरीद की प्रक्रिया पूरी हो गई थी, लेकिन अभी तक बसें शहर नहीं आ सकी हैं।
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सीटीयू प्रबंधन की लापरवाही से बसों की खरीद में देरी हो रही है। जनवरी में सीटीयू ने 49 मिडी बसों के लिए टाटा कंपनी को टेंडर दिया था। सूत्रों से पता चला है कि कंपनी ने बसों का ढांचा तैयार कर दिया है, लेकिन सीटीयू की ओर से कोई इनकी इंस्पेक्शन के लिए अभी तक नहीं गया।

सूत्रों का कहना है कि कंपनी कई बार सीटीयू को इंस्पेक्शन के लिए रिमाइंडर भी भेज चुकी है। ये बसें गोवा से आनी है और इंस्पेक्शन के बाद ही इन्हें पहले ट्रायल के लिए शहर लाया जाएगा।
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170 और बसें खरीदनी है सीटीयू ने
सीटीयू ने 49 बसों के अलावा 170 और बसें खरीदनी हैं। इनमें 90 नॉन एसी (सेमी लो फ्लोर) और 80 एसी बसें शामिल हैं। अभी तक 49 बसों की खरीद का ही काम पूरा नहीं हुआ है और ऐसे में बाकी की खरीद का काम भी लटकता दिख रहा है।

सीटीयू में बसों की भारी कमी
सीटीयू के पास इस समय कुल 517 बसें हैं। इनमें से 100 बसें जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिनुअल मिशन (जनरम) के तहत खरीदी गई थीं। इन बसों में से करीब 215 तो ऐसी बसें हैं, जिन्हें कंडम घोषित किया जा चुका है और ये एक्सटेंशन से चल रही हैं। आने वाले समय में ये बसें चलने लायक नहीं रहेंगी।

ऐसे में यदि जल्दी ही नई बसें नहीं आएंगी तो शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति और बिगड़ सकती है। फिलहाल अभी भी बसों की भारी कमी है। लॉन्ग रूट की बसों को मजबूरन लोकल रूट पर चलाया जा रहा है, ताकि शहर के लोगों को समस्या न हो। इसी एडजस्टमेंट के सहारे काम चलाया जा रहा है।
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कोट
अगले महीने तक 49 नई बसें आ जाएंगी। इसके बाद 170 और बसें आनी हैं। उनकी भी खरीद का काम जल्दी ही शुरू हो जाएगा।
एसपी परमार, जनरल मैनेजर, सीटीयू
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