पंजाब में वर्ष 2015-16 के लिए बिजली की दरों में कोई इजाफा नहीं किया गया है। हालांकि, रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल (नॉन रेजिडेंशियल) वर्ग के लिए 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर रेट में चार पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। यानी पहले सौ यूनिट तक की खपत में बिजली चार रुपये सस्ती हो जाएगी।
पंजाब स्टेट रेगुलेटरी कमीशन (पीएसईआरसी) की चेयरपर्सन रोमिला दुबे ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता में चालू वित्त वर्ष के लिए नए बिजली टैरिफ की घोषणा की। उन्होंने बताया कि रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल और इंडिस्ट्रयल उपभोक्ताओं के लिए दरें पिछले साल जितनी ही हैं। कमीशन के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है।
2006 में भी दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई थी। हालांकि, कुछ कैटेगरीज में एक स्लैब के बाद थोड़ा इजाफा जरूर किया गया है। वहीं, सब्सिडी से संबंधित कृषि क्षेत्र के लिए रेट प्रति यूनिट दो पैसे बढ़ा है। इस वजह से सरकार पर कृषि सब्सिडी का बोझ भी बढ़ गया है। नया टैरिफ एक अप्रैल 2015 से लागू होगा।
रोमिला दुबे ने बताया कि बिजली निगमों ने तो कुल 11317.78 करोड़ रुपये के राजस्व गैप को पूरा करने के लिए 44.77 फीसदी दरें बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद कमीशन ने पिछले वर्षों की रिपोर्टों की समीक्षा की और गैप को केवल 45.98 करोड़ मानते हुए दरों में कोई वृद्धि नहीं की।
श्री हरमंदिर साहिब को मुफ्त बिजली
श्री हरमंदिर साहिब व दुर्ग्याना मंदिर, अमृतसर को प्रति बिल दो-दो हजार यूनिट मुफ्त बिजली का लंबे समय से चला आ रहा सिलसिला इस बार भी जारी रखा गया है। 2000 यूनिट से अधिक बिजली की खपत पर पहले जितना ही 532 पैसे प्रति यूनिट रेट लगेगा।