चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के चंदे और चुनाव में किए जाने वाले खर्च संबंधी नए निर्देश जारी किए हैं।
यह निर्देश एक अक्तूबर से लागू होंगे। आयोग के मुताबिक नए दिशा-निर्देशों से राजनीतिक दलों के चुनावी खर्च और चंदे में अधिक पारदर्शिता आएगी। आयोग के प्रवक्ता ने कहा कि चुनावी चंदे में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए आयकर अधिनियम में भी बदलाव लाए गए हैं।
इसके तहत अब राजनीतिक दलों को चंदा देने वालों को आयकर में छूट नहीं दी जाएगी। राजनीतिक दलों को चंदा देने वाले ऐसे प्रत्येक व्यक्ति अथवा कंपनी का नाम व पूरा पता भी पार्टियों की ओर से बताना अनिवार्य होगा। हालांकि, राजनीतिक दलों की चुनावी रैली में दिए जाने छोटे-मोटे चंदे के लिए यह शर्त जरूरी नहीं होगी।
किसी भी प्रकार का नकद लिया गया चंदा राजनीतिक दल को एक सप्ताह के भीतर ही अपनी अकाउंट बुक में दर्ज करने के साथ ही बैंक में भी जमा करवाना होगा।
आयकर अधिनियम में किए अन्य बदलाव के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति बीस हजार से अधिक का भुगतान करता है, तो यह चेक के माध्यम से करना अनिवार्य होगा।
प्रवक्ता के अनुसार इन निर्देशों की प्रतियां जिला चुनाव अधिकारियोें सहित प्रदेश के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी भेजी गई हैं।
इनमें शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, पंजाब भाजपा अध्यक्ष कमल शर्मा, पीपीसीसी अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सीपीआई के प्रदेश सचिव बंत सिंह बराड़, माकपा के प्रदेश सचिव चरण सिंह विर्दी, बसपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश सिंह जंडाली, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष स्वर्ण सिंह सहित आम आदमी पार्टी के संयोजक शामिल हैं।