प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ आए, एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, दीक्षांत समारोह में डिग्रियां बांटीं, रैली ग्राउंड में भाषण पिलाया और ऋषिकेश के लिए निकल गए। चंडीगढ़ के लोगों को उनसे काफी उम्मीद थी कि शहर को कुछ देकर जाएंगे। मगर मौका चुनाव का नहीं था, इसलिए मोदी ने कोई वादा तक करने की जरूरत नहीं समझी।
स्थानीय भाजपा नेता और सांसद प्रधानमंत्री को शहर की जरूरतों का आभास करवा पाने में पूरी तरह विफल रहे। उम्मीद थी कि पिछले बजट में चंडीगढ़ को कम धन आवंटित कर जो चपत लगाई गई थी, उसकी भरपाई होगी। मगर ऐसा कुछ नहीं किया गया।
लोकसभा चुनाव से पहले मोदी ने चंडीगढ़ में जो रैली कर अनेक वायदे किए थे मगर डेढ़ साल के अंतराल में जब प्रधानमंत्री बनकर आए तो उन सबको भूल चुके थे। चंडीगढ़ के लोगों को उम्मीद है कि अगले चुनाव से पहले मोदी चंडीगढ़ आए तो जरूर कुछ वादे करेंगे।