चंडीगढ़। पीयू के होटल एवं पर्यटन प्रबंध संस्थान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर वेब संवाद का आयोजन किया। मुख्य अतिथि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने इस नीति की बारीकियां बताईं। उन्होंने कहा कि यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि एनईपी में सभी लक्ष्यों को पाने के लिए धन की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि एनईपी के बारे में राष्ट्रव्यापी स्तर पर यह समझने का समय है कि देशभर में इसके विभिन्न कारकों को किस आकार पर प्रभाव में लाया जाएगा। इस एनईपी में कई अच्छे तत्व हैं। जैसे इसमें समस्या और लक्ष्य अच्छी तरह से स्पष्ट किए गए हैं। यह साक्ष्य आधारित नीति है और विभिन्न हितधारकों की ओर से व्यापक समर्थन के साथ सारगर्भित की गई है। एनईपी 2020 में किए गए सुधार न केवल परिवर्तनकारी हैं, बल्कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली के बहुत जरूरी व्यापक बदलाव का प्रतिनिधित्व भी करते हैं।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुधार एनईपी 2020 के अभिन्न अंग के रूप में आते हैं और इस नीति की दृष्टि को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। एनईपी के कई परिवर्तन ऐसे हैं जो प्रभावी शिक्षक-शिक्षण प्रक्रियाओं, शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अपना कर मजबूत करते हैं। उन्होंने आशा जताई की इस नीति से हमारी स्किल आधारित शिक्षा तथा बुनियादी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। वीसी प्रो. राजकुमार ने भी नई शिक्षा नीति को लेकर पीयू की तैयारियां क्या रहेंगी, यह बताया। डीयूूआई प्रो. आरके सिंगला ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। वेबिनार की पृष्ठभूमि डॉ. अनीश स्लॉथ ने सामने रखी और आभार शेफ जसविंदर सिंह ने जताया। संचालन यूआईएचटीएम के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रशांत गौतम ने किया।