पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़-यमुनानगर रेल प्रोजेक्ट के लिए फ्री ऑफ कास्ट जमीन देने की याचिका को रद्द कर दिया है।
यमुनानगर निवासी राम कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को यह निर्देश जारी करने का आग्रह किया था।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान याची पक्ष के वकील को सुनने के बाद चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने याची की याचिका को रद्द कर दिया। साथ ही, हाईकोर्ट ने याची पक्ष पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में रोहतक-हांसी रेल प्रोजेक्ट का हवाला देते हुए चंडीगढ़ यमुनानगर रेल प्रोजेक्ट के लिए फ्री ऑफ कॉस्ट जमीन देने का आग्रह किया गया है।
याचिका में केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को प्रतिवादी बनाया गया था। याचिका में कहा गया कि इस प्रोजेक्ट के लिए फ्री ऑफ कॉस्ट जमीन देने से राज्य के प्रोजेक्टों को समान्य और बराबर का ट्रीटमेंट मिल पाएगा। याचिका में इस संबंध में केंद्र सरकार की नई गाइड लाइन्स का भी हवाला दिया गया था।