चंडीगढ़। जिस शहर को देश में साइकिल सिटी के रूप में पहचान दिलाने के लिए प्रशासन करोड़ों खर्च कर रहा है, उसी शहर में साइकिल पार्क करने के लिए शुल्क लिया जा रहा है। रॉक गार्डन में साइकिल पार्किंग के लिए प्रति एंट्री 5 रुपये और मल्टीपल एंट्री पर 10 रुपये की फीस वसूली को लेकर सेकंड इनिंग्स एसोसिएशन (एसआईए) ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि साइकिल पार्किंग को पूरी तरह मुफ्त घोषित किया जाए।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके गर्ग ने एक ज्ञापन के माध्यम से यूटी प्रशासन से मांग की है कि साइकिल की पार्किंग को न केवल रॉक गार्डन बल्कि पूरे शहर में पूरी तरह से निशुल्क किया जाए। इसके अलावा सभी पर्यटन स्थलों, सरकारी दफ्तरों और मॉल/बाजारों में साइकिल पार्किंग के लिए अलग से सुरक्षित स्थान निर्धारित किए जाएं। एसोसिएशन का कहना है कि चंडीगढ़ की छवि हरे-भरे, खुले और साइकिल-अनुकूल शहर की रही है। शहर में 200 किलोमीटर से ज्यादा साइकिल ट्रैक बनाए जा चुके हैं और जन मार्ग जैसे प्रमुख मार्गों पर भी नए ट्रैक तैयार किए जा रहे हैं लेकिन रॉक गार्डन जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर साइकिल चालकों से पार्किंग शुल्क वसूलना प्रशासन की कथनी और करनी में फर्क को उजागर करता है।
2022 से हो रही है वसूली, अब तक कोई रोक नहीं
एसोसिएशन का दावा है कि रॉक गार्डन की पार्किंग में यह शुल्क वर्ष 2022 से ठेकेदार की ओर से वसूला जा रहा है और हो सकता है इससे पहले भी यह वसूली होती रही हो। हैरानी की बात यह है कि इतने समय तक इस पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं गया, जबकि रॉक गार्डन में हर दिन हजारों पर्यटक आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी होते हैं, जो साइकिल से वहां पहुंचते है। एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि न केवल पर्यटन स्थलों, बल्कि यूटी सचिवालय, नगर निगम कार्यालय, हाउसिंग बोर्ड दफ्तर, प्रमुख मॉल और बाजारों में भी कर्मचारियों और आम जनता की साइकिल के लिए मुफ्त पार्किंग और सुरक्षित स्थान सुनिश्चित किए जाएं।