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पंजाब कैबिनेट: 'म्यूजियम' में सजते ही सिद्धू के भाव गिरे!

Fri, 17 Mar 2017 06:26 PM IST
Amarujala.com, Written By: रिशु राज सिंह
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'म्यूजियम' में सजते ही सिद्धू के भाव गिरे - फोटो : File Photo
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हर दिन के बाद यहां रात होती है,
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हार-जीत मेरे दोस्त साथ-साथ होती है,
कोई कितने भी बनाले हवा में महल
मिलता वही है 'गुरु', जो औकात होती है।

यह शेर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू का ही है, बस अब लोग इसका मतलब निकालने में जुटे हुए हैं कि पंजाब कैबिनेट में सिद्धू को जो पद मिला क्या वह उनके कद से मेल खा रहा है? एक कहावत, चौबे जी छब्बे बनने चले थे दुबे जी बन कर लौट गए! यह भी नवजोत सिंह सिद्धू पर कहीं न कहीं फिट बैठता है क्योंकि पत्नी ने अपनी सीट छोड़ी कि 'गुरु' चुनाव लड़ेंगे और जीते तो डिप्टी सीएम की कुर्सी पक्की।

सिर्फ यही नहीं चुनाव से पहले और नतीजे आने के बाद तक इस बात की जबरदस्त चर्चा थी कि सिद्धू को पंजाब का डिप्टी-सीएम बनाया जा सकता है। लेकिन हुआ क्या? कैबिनेट मंत्री के रूप में उनके शपथ ग्रहण के साथ ही इस चर्चा को विराम लग गया। कैप्टन की टीम में सिद्धू को स्थानीय प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले, आर्काइव्स एवं म्यूजियम जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में ये रहना गलत नहीं होगा कि डिप्टी सीएम बनते-बनते सिद्धू को म्यूजियम जैसे मंत्रालयों में ही समेट दिया गया है।
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'शैरी' के शेर, उन्ही पर फिट बैठ रहें!

Navjot singh sidhu - फोटो : अमर उजाला
'शैरी' के शेर, उन्ही पर फिट बैठ रहें!
पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने नवजोत सिंह सिद्धू को हुकुम के इक्के के रूप में इस्तेमाल किया और जबरदस्त रूप से कामयाब भी हुए लेकिन पद के मामले में कांग्रेस ने थोड़े हाथ टाइट कर लिए। बता दें कि सिद्धू पहले भाजपा में थे और अमृतसर से सांसद थे, लेकिन अकाली दल से मतभेद की वजह से उन्होंने चुनाव से दो महीने पहले भाजपा छोड़ दी और चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में आ गए। तो यहां नवजोत सिंह सिद्धू की ये पंक्तिया बहुत कुछ कहतीं है...

बुलबुलों के पंखो मे बंधे हुए कभी बाज़ नहीं रहते,
बुझदिलो और कायरो के हाथ कभी राज़ नहीं रहते
सर झुकाकर चलने की आदत पड़ जाये जिस इंसान को
उस इंसान के सर पर कभी ताज नहीं रहते।
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गूगल ट्रेंडिंग में भी आगे निकले कैप्टन

गूगल ट्रेंडिंग में भी आगे निकले कैप्टन - फोटो : अमर उजाला
गूगल ट्रेंडिंग में भी आगे निकले कैप्टन
अब सवाल ये है कि 'जन्मजात कांग्रेसी' सिद्धू को सिर्फ स्थानीय निकाय मंत्रालय से संतुष्ठि मिलेगी क्योकि गूगल ट्रेंडिंग आकड़ों की माने तो कभी पंजाब में सबसे ज्यादा सर्च किये जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू मंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से पिछड़ते नजर आ रहे हैं।

गूगल के आंकड़ों की माने तो वीरवार सुबह 100 के स्केल पर नवजोत सिंह सिद्धू को सिर्फ 63 लोगों ने सर्च किया जबकि पंजाब के सीएम पद की शपथ ले रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह को करीब 86 लोग सर्च कर रहे थे। हालांकि सिद्धू एक मामले में बाजी मार गए, विदेश में रहने वाले पंजाबी ये जानने को इच्छुक दिखे कि 'गुरु' को क्या पद मिला है और यह उत्सुकता गूगल ट्रेंडिंग के आकड़ों में भी साफ-साफ दिखा।
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