500 और एक हजार के नोट बंद होने का सबसे ज्यादा असर प्रापर्टी बाजार पर पड़ा है। बुधवार को प्रापर्टी की कोई डील नहीं हुई। शहर में प्रापर्टी बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। कलेक्टर रेट पंजाब और हरियाणा के मुकाबले में ज्यादा होने के कारण कामर्शियल प्रापर्टी पहले से ही नहीं बिक रही है।
प्रापर्टी डीलरों के अनुसार दो साल में प्रापर्टी के रेट में 25 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन अब 500 और एक हजार का नोट बंद होने से 35 प्रतिशत तक गिरावट आने की संभावना है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि ब्लैकमनी का सबसे ज्यादा निवेश प्रापर्टी में ही होता है। खरीददार सिर्फ उतनी राशि ही पक्के दस्तावेज में दिखाता है जितने की रजिस्ट्री होनी है। निवेशकर्ता सबसे ज्यादा ब्लैकमनी का निवेश प्रापर्टी के बाद सोने में करते हैं। 500 और एक हजार के नोट का सबसे ज्यादा प्रयोग प्रापर्टी के कारोबार में ही होता है। चंडीगढ़ के साथ साथ पंचकूला और मोहाली में प्रापर्टी के रेट में भारी गिरावट आई है।
लेकिन यह होगा फायदा
500 और एक हजार के नोट बंद हो जाने से निवेशकर्ताओं को भारी नुकसान है, लेकिन जो असली खरीदार हैं, जिनको रहने के लिए घर खरीदना है उन्हें प्रापर्टी सस्ती मिलेगी। शहर में प्रापर्टी का रेट पंचकूला और मोहाली के मुकाबले दोगुना है। इस समय करोड़ों रुपये न खर्च पाने वाले शहरवासी मोहाली, जीरकपुर, बलटाना और खरड़ में जाकर प्रापर्टी खरीदते है लेकिन अब 25 से 35 प्रतिशत रेट में गिरावट होने से वह शहर में ही प्रापर्टी खरीद पाएंगे।
500 और एक हजार के नोट बंद होने का सबसे गंभीर असर प्रापर्टी बाजार पर
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केंद्र सरकार का 500 और एक हजार रुपये का नोट बंद करने का फैसला ठीक है। इससे प्रापर्टी के बाजार में भारी गिरावट आनी शुरू हो गई है। अभी कुछ दिन प्रापर्टी कारोबार में भी मंदी आने की आशंका है। लेकिन प्रापर्टी के रेट में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। आम लोगों की पहुंच में अब प्रापर्टी का रेट आ जाएगा।
राज कुमार, अध्यक्ष, चंडीगढ़ प्रापर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन
प्रापर्टी के रेट मे आएगी गिरावट
सेक्टर-18 के सुभाष प्रापर्टी एंड कंपनी के मालिक सुभाष शर्मा का कहना है कि ब्लैक मनी का एक बड़ा भाग कई बार निवेशकर्ताओं द्वारा प्रापर्टी में कर दिया जाता रहा है लेकिन अब हर राशि का रिकार्ड होगा तो प्रापर्टी के रेट में एक माह में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट आना लाजमी है। शहर में कामर्शियल प्रापर्टी पहले से कलेक्टर रेट ज्यादा होने के कारण बिक नहीं रही है।
चुनाव के दावेदारों की धड़कने बढ़ी
दिसंबर माह में नगर निगम चुनाव होने हैं। 500 और एक हजार के नोट बंद होने से उन दावेदारों और उम्मीदों के दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं, जिन्होंने पहले से लाखों रुपये में घर में रखे थे। अब वह बैंक से भारी भरकम राशि एक्सचेंज करवाएंगे तो उन्हें मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इस बार कम खर्चा होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने हर उम्मीदवार के लिए 3.75 लाख खर्च की सीमा तय किया हुआ है। लेकिन कई सीट ऐेसी हैं जहां पर एक सीट पर 20 से 30 लाख रुपये खर्च होता है। ऐसे में चुनाव में आने वाली ब्लैक मनी असर पड़ेगा। वहीं, चुनाव आयुक्त राकेश मेहता ने 500 और एक हजार के नोट बंद होने पर खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि इसका फायदा यह भी होगा कि नोट बांटने और शराब खोरी पर भी लगाम लगेगी।