फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ भाजपा से बदला ले रही कांग्रेस, मेयर का बहिष्कार

Thu, 25 Feb 2016 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
15 साल बाद भाजपा का चंडीगढ़ नगर निगम में कब्जा हुआ, लेकिन यहां भाजपा को कांग्रेस का सहयोग बिल्कुल भी नहीं मिल रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि जब कांग्रेस का निगम में कब्जा था तो भाजपा पार्षद दल के नेता अरुण सूद अन्य पार्षदों के साथ कांग्रेसी मेयरों को घेरते हुए सहयोग नहीं करते थे।
विज्ञापन


ऐसे में कांग्रेस इस साल भाजपा से बदला लेने के मूड में हैं। मेयर बने अरुण सूद को 46 दिन हो गए हैं, लेकिन हर मामले में उन्हें कांग्रेसी पार्षदों के बहिष्कार का ही सामना करना पड़ रहा है। मेयर की ओर से कांग्रेस को हर समारोह के निमंत्रण भेजे गए हैं और राय जानने के लिए भी कई बार बुलाया गया है। लेकिन कांग्रेस पार्टी हर बार बहिष्कार के मूड में ही दिखाई दी।

दरअसल, 26 फरवरी को मेयर ने मार्गदर्शक मंडल की बैठक बुलाई है, इसमें शामिल होने के लिए 17 पूर्व मेयर को निमंत्रण भेजा गया है, जिसमें कांग्रेस के ही 11 पूर्व मेयर हैं। संभावना जताई जा रही है कि सूद की इस बैठक का भी कांग्रेस बहिष्कार कर सकती है। इससे पहले कांग्रेस लोहड़ी और रोज फेस्टिवल का भी बहिष्कार कर चुकी है।
विज्ञापन


इससे पहले मेयर ने जितनी भी बैठकें बुलाई हैं, चाहे वह कमेटियों के सदस्य पूछने के लिए हो या स्वच्छ भारत मिशन के लिए। हर बैठक का कांग्रेसी पार्षदों ने बायकॉट किया। मेयर अरुण सूद अपने कमरे में एक अलग से दीवार में डिजाइन भी बनवा रहे हैं जहां पर सभी पूर्व मेयर की तस्वीरें शामिल होंगी।

अनुबंध कमेटी के चुनाव से विवाद बढ़ा
मेयर और कांग्रेस पार्षदों के बीच विवाद वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव के बाद ज्यादा बढ़ गया है। मनोनीत पार्षद शगुफ्ता प्रवीण और कांग्रेस की गुरबख्श रावत को बराबर वोट पड़ी थी, लेकिन मेयर ने शगुफ्ता प्रवीण को विजयी घोषित किया। मेयर ने जो प्रक्रिया अपनाई थी, उस पर कांग्रेसी पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद सदन की बैठक में भी भाजपा ने जब पूर्व मेयर पूनम शर्मा को बोलने का मौका नहीं दिया तो उन्होंने बहिष्कार किया था।

मेयर का व्यवहार कांग्रेसी पार्षदों के प्रति ठीक नहीं है और वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में मेयर ने धांधली बरतते हुए परिणाम घोषित किए। 26 फरवरी को वह कांग्रेस द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त हैं, साथ ही पार्टी के कई नेता भी व्यस्त होंगे। 26 को बुलाई गई मार्गदर्शक मंडल की बैठक में जाने और न जाने पर अभी फिलहाल निर्णय नहीं लिया गया है।
- प्रदीप छाबड़ा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

मनोनीत को भाजपा ने बनाया ढाल
मेयर अरुण सूद ने एक बेहतरीन रणनीति बनाई है कि वह मनोनीत पार्षदों को ढाल बनाकर कांग्रेसी पार्षदों पर वार करवा रहे हैं। इसलिए मेयर चुनाव जीतने के बाद सूद मनोनीत को अपने भाजपा पार्षदों के मुकाबले ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। कांग्रेस की मजबूरी यह है कि वह मनोनीत पार्षदों का खुलकर विरोध नहीं कर सकते हैं जबकि भाजपा का वह खुलकर सदन में विरोध करने को तैयार है।

कांग्रेस ने कब कब किया बहिष्कार
लोहड़ी पर्व, स्वच्छ भारत मिशन के लिए बुलाई गई बैठक, वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक, सदन की पहली बैठक, गणतंत्र दिवस समारोह, बजट के लिए बुलाई गई विशेष बैठक, रोज फेस्टिवल समारोह
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें