पराली की आंच दिल्ली तक न पहुंचे इसलिए केंद्र सरकार ने पराली के लिए तो बजट में प्रावधान कर दिया, लेकिन हरियाणा में किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की। केंद्र में तीन कद्दावर नेताओं की धमक होने के बावजूद हरियाणा के हिस्से में कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं आया। ऐसे में मिशन 2019 की तैयारी में जुटी मनोहर सरकार को जनता को समझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।
सबसे ज्यादा जवाबदेही केंद्रीय मंत्रियों की होगी जो आगामी लोकसभा चुनाव में वोट के लिए जनता के बीच जाएंगे। हालांकि तब तक समय काफी बीत चुका होगा। बजट में सर्विस क्लास को भी कोई खास राहत नहीं मिल सकी है। इन सभी बातों की बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनके मंत्रिमंडल ने बजट की तारीफ की है।
सरकार के मंत्रियों की बात पर गौर करें तो जेटली के बजट में भले ही हरियाणा को सीधे तौर से कोई प्रोजेक्ट नहीं मिल सका, लेकिन देश भर के लिए लागू की गई योजनाओं में से कई योजनाओं पर सरकार वाहवाही लूट रही है।
हरियाणा पहले ही लागू कर चुका भावांतर योजना
बजट में केंद्र सरकार ने जिन परियोजनाओं में खर्च करने के लिए हाथ खोला है, उनमें एग्रीकल्चर सेक्टर भी है। इस घोषणा का लाभ हरियाणा को मिल सकता है। जेटली ने अपने बजट में आलू, प्याज और टमाटर की फसल के लिए ऑपरेशन ग्रीन शुरू करने और एमएसपी निर्धारित करने का एलान किया है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है। हालांकि भावांतर फसल योजना के नाम पर हरियाणा इसमें पहले ही पहल कर चुका है।
यह है उम्मीद-
Bhupinder singh hooda
- फोटो : File Photo
यह है उम्मीद-
पयर्टन पर केंद्र सरकार के फोकस को देखे तो कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, महेंद्रगढ़ और हिसार को प्रोत्साहन मिल सकता है।
केंद्र ने देश के गांवो में ब्राडबैैंड की सुविधा का दम भरा है। हरियाणा की कई पंचायतें पहले से ही वाई फाई हैं।
देश में एयरपोर्ट की संख्या बढ़ाने की बात से हरियाणा के हिसार और करनाल को लाभ मिलने की संभावना है
600 आधुनिक रेलवे स्टेशन बनाने के प्रस्ताव का लाभ भी हरियाणा को मिलेगा।
हरियाणा से तीन केंद्रीय मंत्री हैं, तीन साल में कुछ भी नहीं दिलवा पाए। हमारे समय में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ डिजाइन और निफ्ट जैसे संस्थान खोले गए। यह सरकार तो कोई रेलवे लाइन तक नहीं ला सकी। अब समय आ गया है, जनता हिसाब मांगेगी।
-भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा