प्रशासन ने नगर निगम को एक बार फिर झटका दिया है। निगम ने शहर के प्रमुख सेक्टर-15,19 और 22 के प्रमुख बाजारों की पार्किंग को नो व्हीकल जोन बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन प्रशासन ने इस फैसले को खारिज कर दिया है।
प्रशासन ने निगम को निर्देश दिया है कि किसी भी मार्केट की पार्किंग को बंद न किया जाए। प्रशासन ने सामुदायिक केंद्र, डिस्पेसरियों और स्कूलों की पार्किंग फेस्टिवल सीजन में खोलने के फैसले पर मुहर लगा दी है। मंगलवार को इस मुद्दे पर गृह सचिव अनुराग अग्रवाल के नेतृत्व में बैठक हुई, इसमें एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी और नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी भी शामिल हुए।
मालूम हो कि संबंधित बाजार के व्यापारी और व्यापार मंडल ने भी बाजारों की पार्किंग बंद करने का विरोध किया था। सोमवार को ज्वाइंट कमिश्नर ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। मंगलवार को प्रशासन के साथ हुई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि इन तीन सेक्टरों के ही नहीं बल्कि पूरे शहर के स्कूल पार्किंग के लिए खोले जाएंगे।
इसके लिए डीपीआई स्कूल को निर्देश जारी किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन बाजारों में पार्किंग स्थल हैं, वहां पर मार्केट एसोसिएशन ही वाहनों की सुरक्षा के लिए कर्मी तैनात करेंगे। उधर व्यापार मंडल भी इसके लिए तैयार है।
तय होगी स्टॉल की सीमा
बैठक में पार्किंग में लगने वाले स्टॉलों का मामला भी उठा। इसके बाद गृह सचिव ने निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि क्षमता से अधिक किसी भी बाजार में स्टॉल न लगे। इसके लिए गृह सचिव ने हर बाजार में स्टॉल की सीमा तय करने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि हर बार फेस्टिवल सीजन में बाजार का बुरा हाल हो जाता है जिस कारण पैदल चलने वाले लोगों को भी जगह नहीं मिलती है। बैठक में एसएसपी ट्रैफिक को भी निर्देश दिए गए हैं कि बाजारों में जाम नहीं लगना चाहिए और सड़क किनारे खड़े वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई होनी चाहिए।