चंडीगढ़। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 को नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) के मानकों की अनदेखी करना भारी पड़ गया। काउंसिल ने अलग-अलग बिन्दुओं पर जांच कर आपत्ति जताते हुए मेडिकल कॉलेज को नोटिस भेजा है। साथ ही खामियों पर तीन लाख रुपये का दंड (पेनल्टी) भी लगाया है। अब कॉलेज प्रशासन नोटिस का जवाब तैयार कर रहा है।
अगले 15 दिन में खामियों को दूर करने के लिए किए गए कार्यों की रिपोर्ट काउंसिल को सौंपी जानी है। गंभीर बात यह है कि काउंसिल ने नोटिस में यहां तक कहा है कि इन कमियों के आधार पर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटों की क्षमता भी कम की जा सकती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीटों को लेकर उठाई गई आपित्त को दूर करने के लिए सभी पक्ष सौंप दिए हैं। इस आधार पर फिलहाल सीटों के घटने की आशंका नहीं है लेकिन नोटिस पर कॉलेज में इस बात की चर्चा है कि इन्हीं कारणों से कॉलेज की लगातार रैंकिंग गिर रही है। जांच में डॉक्टरों की उपस्थिति और ओपीडी में कमी मिली थी, इस पर भी चिंता जताई जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक को लेकर अब भी डॉक्टरों में हिचकिचाहट है। इसके कारण वह अस्पताल में होने के बावजूद उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाते हैं।
नेशनल मेडिकल काउंसिल ने कुछ महीने पहले भी जीएमसीएच-32 में डॉक्टरों की उपस्थिति के मामले में आपत्ति जताई थी। उस समय भी सुधार के लिए कुछ वक्त दिया गया था। ऐसे में दोबारा फिर उपस्थिति लगने के मामले पर सवाल खड़ा होना मेडिकल कॉलेज के लिए परेशानी का कारण बन गया है। हालांकि इसे दूर करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने कठोर निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कहा जा रहा है कि इससे तेजी से सुधार हो रहा है।
ओपीडी के आंकड़े भी सवालों के घेरे में
काउंसलि ने मेडिकल कॉलेज पर ओपीडी में मरीजों की संख्या के आंकड़े को भी सवालों के घेरे में लिया है। कहा गया है कि मरीजों की संख्या मानक से काफी कम है। कॉलेज प्रशासन ने बताया है कि अलग-अलग विभागों का डाटा अलग-अलग देने से ओपीडी का आंकड़ा कम हो रहा था। उसे मानकों के अनुसार सही कर भेजा जा चुका है, जिससे काउंसिल संतुष्ट है।
यहां मिलीं कमियां
- आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक में खामी
- 01 जनवरी से 29 फरवरी 2024 के बीच एईबीएएस के तहत उपस्थिति के अनुसार 20 में से 20 विभाग कम हैं
- ओपीडी में मरीजों उपस्थिति अपर्याप्त
- शवों का डाटा उपलब्ध नहीं
- जनरल सर्जरी और ईएनटी में क्लिनिकल ऑपरेटिव लोड अपर्याप्त
- संकाय घोषणापत्र की समीक्षा व सुधार की आवश्यकता
- फैमिली एडॉप्शन कार्यक्रम की समीक्षा और सुधार की आवश्यकता