इनेलो की जींद रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी जी चुनाव से पहले कांग्रेस की सरकार को कमजोर बताते थे, लेकिन उनकी सरकार ने भी कांग्रेस सरकार का ही स्थान लिया है।
पाकिस्तान और चीन को सबक सीखाने की बात कही जाती थी, लेकिन जब चीनी राष्ट्रपति भारत आए, उसी समय चीनी सेना भारत में घुसी।’ इस पर चुटकी लेकर नीतिश कुमार ने कहा कि ‘अब कहां गई 56 ईंच की छाती’।
वर्तमान राजनीतिक हालात पर नीतिश कुमार ने कहा कि भाजपा ने झूठ बोलकर लोगों के वोट हथियाने का काम किया है। जनतादल को संगठित करने के बहाने नीतिश कुमार ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर अपना तरकश खाली किया।
एकजुटता का दम भरा दिग्गजों ने
पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. चौधरी देवीलाल की 101वीं जयंती समारोह के गैर राजनीतिक मंच से प्रदेश की नहीं देश की राजनीति को नई दिशा देने आह्वान किया गया है।
देश के बड़े नेताओं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार और जनतादल यू के अध्यक्ष शरद यादव ने इस गैर राजनीतिक कार्यक्रम के राजनीतिक मंच से एक बार फिर बिखरे जनतादल में एक जुटता का दम भरा।
देवगौड़ा ने कहा कि अब समय की जरूरत है कि जनतादल का हिस्सा रहे दलों को एक होना चाहिए। वहीं शरद यादव ने भी कांग्रेस और भाजपा की नीतियों पर कटाक्ष किया। इस कड़ी में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने कहा कि जब 1989 में देश में जनतादल के नेतृत्व में गैर कांग्रेसी सरकार बनी तो देवीलाल जैसे नेताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
हरियाणा को बताया बदलाव का केंद्र
नीतिश कुमार ने कहा कि हरियाणा बदलाव का केंद्र रहा है। 1989 में देश की राजनीति बदलने से पहले भी हरियाणा का विधानसभा चुनाव हुआ था और इसमें कांग्रेस का सफाया हुआ था। इस बार फिर हरियाणा से यह शुरूआत होने जा रही है। इस मंच से नीतिश कुमार ने केंद्र की भाजपा सरकार सीधे शब्दों में ललकारा।
देवीलाल परिवार से सीख ले भाजपा
नीतिश कुमार ने कहा भाजपा को चौधरी देवीलाल परिवार से सीख लेनी चाहिए। यहां बुजुर्गों का इतना सम्मान किया जाता है कि निधन के बाद भी उनकी जयंती मनाई जा रही हैं और भाजपा ने लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोश जैसे वरिष्ठ नेताओं को जीते जी ही पीछे धकेल दिया।
भाजपा पर बोलने से गुरेज
जहां एक ओर नीतिश कुमार ने खुल कर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भड़ास निकाली, वहीं अन्य नेता यहां तक कि इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला भी भाजपा के खिलाफ बोलने से बचते रहे।
गौरतलब है कि पंजाब में अकालीदल बादल और भाजपा का राजनीतिक गठबंधन है और पंजाब में अकाली दल बादल का गठबंधन इनेलो के साथ है। ऐसे में चौटाला और बादल एक मंच पर होने के कारण गठबंधन धर्म का निर्वहन किया गया।