राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र में बीटेक इलेक्ट्रिकल अंतिम वर्ष के छात्र नेसंदिग्ध परिस्थितियों में पंखे से फंदा लगा आत्महत्या कर ली। खबर फैलने पर एनआईटी प्रशासन में हड़कंप मच गया और विभाग के अफसर तत्काल हॉस्टल नंबर 10 के कमरा नंबर 435-ए पहुंचे।
मामले की सूचना थर्ड गेट चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। साथ ही पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर जाकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन देर शाम तक भी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की शंकपुर कॉलोनी निवासी शुभांकर प्रसाद एनआईटी से बीटेक इलेक्ट्रिकल अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। मंगलवार देर रात शुभांकर प्रसाद (21) ने संदिग्ध परिस्थितियों में हॉस्टल नंबर 10 (विश्वेश्वरय्या) के कमरा नंबर 435-ए में रस्सी से पंखे पर फंदा लगा खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि शुभांकर प्रसाद 22 अप्रैल की शाम से कमरे से बाहर नहीं निकला।
23 अप्रैल को भी दरवाजा नहीं खुला तो दोस्तों ने शक होने पर रोशनदान से देखा तो शुभांकर फंदे से झूल रहा था। मृतक छात्र के दोस्त अमृत शाह ने इसकी सूचना एनआईटी प्रशासन को दी। सूचना मिलने पर तत्काल चीफ वार्डन आरपी चौहान, डिप्टी चीफ वार्डन अरविंद शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। थर्ड गेट चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है।
21 अप्रैल को दोस्तों के साथ की थी पार्टी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शुभांकर प्रसाद ने 21 अप्रैल रात को दोस्तों के साथ पार्टी की थी, लेकिन 22 व 23 अप्रैल को उसने हॉस्टल की मेस में खाना नहीं खाया। इस हादसे को लेकर एनआईटी प्रशासन भी असमंजस में है।
पिता से रात 9 बजे की बात, 12 बजे दोस्त को किया बर्थडे विश
परिजनों के अनुसार, शुभांकर प्रसाद ने 22 अप्रैल रात 9 बजे पिता संजय प्रसाद से फोन पर बातचीत की। इसके बाद रात 12 बजे एनआईटी की एक दोस्त को बर्थडे विश किया। मृतक के पिता संजय प्रसाद का कहना है कि शुभांकर ऐसा कदम उठाएगा, ऐसी कोई बात ही नहीं थी। उनके साथ शुभांकर की बात हुई थी, लेकिन उसने किसी भी तरह की परेशानी बारे कुछ नहीं बताया था।
शुभांकर की छठे व सातवें समेस्टर में आई थी रि-अपीयर
जानकारी के अनुसार, शुभांकर प्रसाद की छठे व सातवें समेस्टर में रि-अपीयर आई थी, जिसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। लेकिन परिजनों का कहना है कि रि-अपीयर के चलते वह ऐसा कदम नहीं उठा सकता। शुभांकर ने इस संबंध में परिजनों को अवगत करा रखा था।
चिकित्सकों के बोर्ड ने किया शव का पोस्टमार्टम
शव का पोस्टमार्टम करने के लिए चिकित्सकों का बोर्ड गठित किया गया, जिसमें आरएमओ डा. एसएस अरोड़ा, डा. सुरेंद्र मंढाण और डा. विमल शामिल रहे। चिकित्सकों ने कहा कि विसरा लेकर जांच के लिए मधुबन भेज दिया है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांचः महेंद्र
थर्ड गेट चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है। हॉस्टल के कमरे से किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। पुलिस छात्र के दोस्तों से पूछताछ कर रही है।