हरियाणा में खनन माफिया ने बांध, पुल और सड़क बनाकर यमुना नदी की धारा ही मोड़ दी। अब वह धड़ल्ले से अवैध रूप से खुदाई का काम चल रहा है। हरियाणा में प्रवेश करते ही यमुना नदी में अवैध खनन शुरू हो जाता है, जो सोनीपत तक जारी है। दिन-रात जेबीसी लगाकर खनन माफिया यमुना नदी का सीना खोद रहा है, लेकिन प्रशासन पर फर्क नहीं पड़ रहा है। हालात यह हैं कि यमुना नदी में कई जगहों पर बांध, पुल और सड़क तक बना दिए गए हैं। कई जगहों पर नदी की धारा को मोड़ दिया गया है।
धड़ल्ले से हो रहे खनन से नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीण भयभीत हैं। बरसात में नदी का पानी बढ़ने पर कई गांवों और खेतों का जलमग्न होना तय है। यमुना में खनन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भी सख्त है। बावजूद इसके खनन माफिया बेलगाम है और प्रशासन मौन की मुद्रा में है। सोनीपत जिले के चंदौली और बड़ौली में अवैध रूप से बांध बनाकर नदी की धारा को मोड़ दिया गया है। बड़ौली में अवैध पुल बनाया गया है। जैनपुर टिकौला में खनन ठेकेदारों ने यमुना के अंदर तक सड़क बना डाली है।
वहीं, यमुनानगर के जठलाना क्षेत्र के नगली और गुमथला घाट के मध्य यमुना नदी की धारा मोड़कर अवैध खनन किया जा रहा है। किसान और क्षेत्र के ग्रामीण कई बार इसकी शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों के बार-बार विरोध के बावजूद अधिकारियों ने मौका मुआयना तक नहीं किया।
बरसात में बाढ़ का खतरा
यमुना में बांध, पुल और सड़क बनाकर खनन करने से बरसात में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बारिश होते ही आसपास के गांवों और खेतों में पानी घुस जाएगा। इससे जानमाल के नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
यमुना में बांध, पुल और सड़क बनाने की जानकारी नहीं है। इस बारे में अब जानकारी मिली है तो वहां जांच करके कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदार किश्त क्यों जमा नहीं कर रहे है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
- मंजीत कुमार, खनन निरीक्षक, सोनीपत
पानी की धारा मोड़ने और बांध बनाने की जब भी शिकायत मिलती है, तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाती है। पिछले दिनों शिकायत मिलने पर बांध तुड़वा दिया गया था। अब भी ऐसा हो रहा है तो विभाग के अधिकारी मौके का मुआयना कर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाएंगे।
- विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, यमुनानगर