हरियाणा के गुरुग्राम स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्रद्युम्न हत्याकांड में स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किए जाने का नेशनल इंडिपेंडट स्कूल एलाइंस (निसा) ने विरोध किया है। निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि देश के संविधान में कानून सभी के लिए बराबर है।
प्रदेश की सभी सरकारों ने नियमों व कानूनों को मात्र प्राइवेट स्कूलों पर थोपने का काम किया है। रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई घटना का उन्हें भी दुख है और निसा इसकी निंदा करती है। सरकार को प्राइवेट स्कूलों के साथ ही सरकारी स्कूलों में भी कैमरे लगाने, सुविधा का इंतजाम करने, स्टाफ की वैरिफिकेशन कराने के आदेश देने चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्राइवेट स्कूलों पर लागू होने वाले नियम सरकारी स्कूलों में भी लागू किए जाएं।
शर्मा ने कहा कि मात्र निजी स्कूल हैं, जो महिलाओें को पूरा मान सम्मान देते हैं, लेकिन सरकार की योजनाएं अब महिलाओं को अपमानित करने का काम कर रही हैं। सरकार के आदेश अनुसार अप्रत्यक्ष तौर पर महिलाओं को टारगेट किया जा रहा है। निजी स्कूलों में अधिकतर प्रिंसिपल व टीचर्स महिलाएं हैं और सरकार के आदेशों के अनुसार निजी स्कूलों में किसी तरह की कोई भी घटना होती है तो उसके लिए प्रिंसिपल, टीचर्स व मैनेजमेंट को दोषी ठहराया जाना सही नहीं है। जब से सरकार ने ऐसे आदेश लागू किए हैं, तब से अधिकतर महिलाएं प्रिंसिपल पद से इस्तीफा दे रही हैं। स्कूल स्टाफ की पुलिस वैरिफिकेशन के नाम पर पुलिस कर्मचारियों द्वारा वसूली की जाती है। अनेक स्कूलों ने महीनों से पुलिस वैरिफिकेशन के लिए पुलिस को आग्रह किया हुआ है, लेकिन अभी तक पुलिस ने कोई वैरिफिकेशन नहीं की।