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निरफ रैंकिंग : ओवरऑल रैंकिंग में तीन अंकों का नुकसान, 44वें स्थान पर पहुंची पीयू निरफ रैंकिंगः ओवरऑल रैंकिंग में तीन अंकों की गिरावट, 44वें स्थान पर पहुंची पीयू

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चंडीगढ़। शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (निरफ) 2023 की रिपोर्ट जारी की। ओवरऑल श्रेणी में तीन अंकों के नुकसान के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी 44वें स्थान पर आई है। पिछले साल पीयू 41वें स्थान पर थी। हालांकि यूनिवर्सिटी का ओवरऑल स्कोर पिछले साल के मुकाबले दो प्रतिशत अधिक रहा। पांच पैरामीटर के आधार पर दी जाने वाली रैंकिंग में पीयू आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा दिलाने में असफल रहा है। 20 में यूनिवर्सिटी का स्कोर 0.73 रहा। रिसर्च कैटेगरी में पीयू के 50.65 स्कोर के साथ 33वीं रैंक रही। यूनिवर्सिटी केटेगरी में पीयू की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं आया है। 100 विश्वविद्यालयों में से पीयू ने 54.86 स्कोर लेकर 25वां स्थान पाया है। पिछले वर्ष भी पीयू की इस केटेगरी में 25वीं रैंक थी और स्कोर 52.80 था। फार्मास्युटिकल श्रेणी की रैकिंग में भी गिरावट आई है। पीयू तीसरे स्थान से गिरकर आठवें स्थान पर पहुंच गई है। इस बार यूनिवर्सिटी का फार्मास्यूटिकल कैटेगरी में स्कोर 76.46 से गिरकर 72.34 रह गया है। लॉ केटेगिरी में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। पिछले साल पीयू ने 30वीं रैंक हासिल की थी, वहीं, इस बार सूची में नाम शामिल नहीं है। कॉलेज केटेगरी में चंडीगढ़ के गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज की 55.94 स्कोर के साथ 52वीं रैंकिंग रही है। 2022 में 46वें स्थान से गिरकर जीएचएससी-10 इस बार 6 रैंक पीछे है।
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इन पांच पैरामीटर के आधार पर दी रैंकिंग
शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालयों का आकलन पांच पैरामीटर के आधार पर किया जाता है। इसमें टीचिंग लर्निंग एंड रिर्सोसेज, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम, आउटरीच इनक्लुसिविटी और पीयर परसेप्शन शामिल है। पैरामीटर को आगे पांच मानकों में बांटा गया है और हर मानक में 20 या 15 में से अंक दिए गए हैं।

इन मानकों में प्रदर्शन रहा कमजोर
1. आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों का शिक्षा के अवसर नहीं
आउटरीच एंड इनक्लुसिविटी पैरामीटर के तहत एक प्वाइंट आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक चुनौतियों से प्रभावित बच्चों को मुफ्त या कम फीस में शिक्षा दिलाना है। पीयू इन विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने में नाकामयाब रहा है। 20 में से यूनिवर्सिटी एक नंबर तक नहीं ला पाई है और 0.73 स्कोर किया है।
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2. रिसर्च और विकास के प्रोग्राम के लिए कम फंडिंग
रिसर्च और प्रोफेशनल प्रेक्टिस के तहत पीयू को संतोषजनक फंडिंग नहीं मिली है। एफपीपीपी (फुटप्रिंट्स ऑफ प्रोजेक्ट प्रोफेशनल प्रेक्टिस एंड एग्जीक्यूशन डेवलपमेंट प्रोग्राम) में पीयू ने 15 में से 1.14 अंक प्राप्त किए हैं।

3. ऑनलाइन एजुकेशन में 15 में से पांच अंक प्राप्त
टीचिंग और लर्निंग रिर्सोसेज में विद्यार्थियों को ऑनलाइन एजुकेशन प्रदान करने में पीयू का प्रदर्शन कमजोर रहा है। 15 में से यूनिवर्सिटी ने पांच अंक प्राप्त किए हैं। पीयू का शिक्षा दिलाने के लिए ऑनलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर रहा है।

4. पिछले तीन सालों में नहीं हुए अधिक पेटेंट रजिस्टर
रिसर्च और प्रोफेशनल प्रेक्टिस के तहत यूनिवर्सिटी में पिछले तीन सालों में रजिस्टर हुए पेटेंट की संख्या काफी कम है। आईपीआर एंड पेटेंट्स पब्लिस्ड एंड ग्रांटेड में यूनिवर्सिटी का स्कोर 15 में से छह अंक रहा है। पीयू में रजिस्टर और प्रकाशित हुए शोध और आविष्कार की संख्या पिछले तीन वर्षों में कम हुई है।

5. पीयू ने प्रति छात्र नहीं किया एकमुश्त खर्चा
पीयू का वार्षिक प्रति छात्र खर्च कम रहा है। यूनिवर्सिटी में हॉस्टल, मैस और आधारभूत संरचना के अलावा विद्यार्थियों की शिक्षा पर उपयुक्त खर्चा नहीं किया गया है। टीचिंग और लर्निंग आउटकम में फाइनेंशियल रिर्सोसेज एंड देयर यूटिलाइजेशन में पीयू का स्कोर 20 में से 7.07 है।
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पीयू के पिछले पांच साल की ओवरऑल रैंकिंग
साल रैंकिंग स्कोर
2019 34 - 51.25
2020 44 -50.24
2021 38 - 50.31
2022 41 - 51.31
2023 44 - 53.31

पीयू की विभिन्न केटेगरी में 2023 में रही रैंकिंग
कैटेगरी रैंकिंग स्कोर
फार्मेसी 8 - 72.34
यूनिवर्सिटी 25 -54.86
रिसर्च 33 - 50.65
ओवरऑल 44 - 53.31
मैनेजमेंट 82 - 46.05
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