एक और जहां पंजाब सरकार नशे के खिलाफ कड़ा रूख अपना रही हैं, तो वहीं नशे के शिकार युवक रोजाना नई चुनौती खड़ा कर रहे हैं। ताजा मामला पंजाब के मोगा के गांव जनेर का है। यहां रेडक्रॉस की ओर से चलाए जा रहे नशा छुड़ाओ और पुनर्वास केंद्र से वीरवार सुबह 9 नशेड़ी फरार हो गए।
नशा छोड़ने आए मरीजों ने टीम को कमरे में बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी ओर चौकीदार से हाथापाई कर चाभी छीनकर फरार हो गए। इस घटना से कुछ घंटे बाद एक नशेड़ी पारिवारिक सदस्यों के साथ फिर केंद्र में लौट आया।
इस केंद्र के कोऑर्डिनेटर बलवंत सिंह ने कहा कि थाना कोट ईसेखां पुलिस को शिकायत दर्ज करा दी गई है। केंद्र में कुल 12 नशा छोड़ने के लिए नौजवान आए थे, जिनमें से कई कुछ दिन पहले ही इलाज के लिए यहां दाखिल हुए थे।
दाखिल नशा छोड़ने वाले 9 नौजवानों ने वीरवार की सुबह करीब 4 बजे सोशल वर्कर गुरदीप सिंह और वार्ड इंचार्ज निर्भय सिंह को कमरे में बंद करके बाहर से कुंडी लगा दी ओर चौकीदार जगतार सिंह से हाथापाई करके उससे चाभी छीन कर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि भागने वालों में से एक नशेड़ी पारिवारिक सदस्यों के साथ फिर केंद्र में लौट आया है।
1999 में स्थापित हुआ था केंद्र
घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिसकर्मी
उन्होंने कहा कि यह नशे की लत में ग्रसित नौजवान अपने उपचार के लिए मर्जी से ही पुनर्वास केंद्र में दाखिल हुए थे। उन्होंने भागे मरीजों के परिवारों से अपील की कि उनको वापस यहां लाया जाये, जिससे उनका उपचार मुकम्मल किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस उन के भागने के कारणों की पड़ताल कर रही है।
उन्होंने इस केंद्र बारे बताया कि साल 1999 में स्थापित हुआ यह केंद्र केवल पंजाब के ही नहीं, बल्कि अन्य राज्य के मरीजों को भी इलाज मुहैया करवा कर समाज भलाई के कार्यों में योगदान कर रहा है। इस केंद्र में साल 1999 से अब तक 12,063 मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया है, जिन में से 5,965 मरीज इलाज प्राप्त करके नशा मुक्त हो चुके हैं।
जो भी व्यक्ति इस केंद्र में नशा छोडने के लिए दाखिल होता है, तो केंद्र में मौजूद अलग -अलग काउंसिलर अपनी कौंसलिंग से मरीज की मानसिक हालत या उस व्यक्ति की तरफ से नशा करने के कारण की पड़ताल करके मरीज को नशा छोडने के लिए प्रेरित करते हैं। मरीज का इलाज पूरा हो जाने के बाद उसे घर भेज दिया जाता है। केंद्र में मरीजों के लिए जिम, रचनात्मक सोच वाली किताबें, टी.वी, वाटर कूलर ओर वॉलीबॉल, क्रिकेट आदि खेलने के लिए खेल सामग्री उपलब्ध है।