डीजीपी दिनकर गुप्ता ने इस दौरान बताया कि पंजाब पुलिस ने शारीरिक शोषण के मामलों से निपटने के लिए सभी 27 पुलिस जिलों में सेक्सुअल असाल्ट टीमें गठित करने की योजना तैयार कर ली है। साथ ही ऐसे मामलों की जांच की निगरानी के लिए साप्ताहिक बैठकें की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी थानों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं और थानों में आने वाली महिला शिकायतकर्ताओं की समस्याएं केवल महिलाकर्मी ही सुनेंगी।
मासिक आधार पर रखी जाएगी नजर
मुख्य सचिव ने लंबित मामलों की महीनावार प्रगति का जायजा लेने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) गृह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कमेटी गठित करने का आदेश दिया और स्वास्थ्य, पुलिस व प्रॉसिक्यूशन विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अलावा महिलाओं व बच्चों से जुड़े आपराधिक मामलों की बेहतर जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए।
दुष्कर्म के मामलों के लिए सात फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं कार्यरत
मुख्य सचिव ने गृह विभाग को नौ फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना में तेजी लाने की हिदायत दी, जिसके लिए सरकार की ओर से मंजूरी दे दी गई है और तीन फास्ट ट्रैक कोर्ट पहले ही लुधियाना और जालंधर में चल रही हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दुराचार के मामलों से निपटने के लिए सात फास्ट ट्रैक कार्ट पहले ही कार्यशील हैं।