पादरी समेत छह लोगों से करोड़ों की हवाला राशि बरामद होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, फादर एंथनी एक निजी बैंक खोलने की तैयारियां कर रहे थे। कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं और यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में था। पता चला है कि फादर एंथनी और उनके सहयोगियों द्वारा संचालित कंपनियों का टर्न ओवर करोड़ों में था।
फादर एंथनी की ओर से 50 लाख रुपये हाल ही में आयकर विभाग को एडवांस टैक्स के रूप में अदा किए गए थे। फादर एंथनी ने नवजीवन कंपनी का कार्यालय करोल बाग में तैयार कर रखा है। वहां प्रिंटिंग होती है। यहां स्कूलों की कॉपियों के अलावा आईकार्ड से लेकर किताबों की प्रिंटिंग का लेखाजोखा होता है। यहीं से सारा सामान पंजाब व हिमाचल के स्कूलों में सप्लाई किया जाता है।
वहीं करोल बाग से कुछ दूरी पर स्थित सहोदय का कार्यालय चुग्गटी में तैयार किया हुआ है। यहां से स्कूलों के ट्रांसपोर्ट के अलावा वर्दी, सेनेटरी से लेकर तमाम सामान की खरीदो फरोख्त करके आगे स्कूलों को सप्लाई किया जाता है। स्कूलों की फीसों के अलावा कैश का आदान-प्रदान और फैकल्टी की पगार के कारण पैसों का फ्लो काफी अधिक होता है।